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Dehradun News: फर्जी कर्मचारी दर्शाकर पौने तीन करोड़ का पीएफ अंशदान दिया, मुकदमा दर्ज
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I- ईपीएफओ ने मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेज पर दर्ज कराया मुकदमा
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I- कंपनी ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत लिया पीएफ का गलत लाभI
मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेज कंपनी ने फर्जी कर्मचारी दर्शाकर पीएफ का पौने तीन करोड़ रुपये गबन कर लिया। जांच में गबन सामने आने के बाद ईपीएफओ की ओर से कंपनी के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि कंपनी के मालिक विकास कुमार ने फर्जीवाड़ा करते हुए करीब 933 से ज्यादा लोगों के आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल करके आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत करीब 2,87,56,320 रुपये पीएफ के रूप में जमा करा लिए। ये ऐसे लोग हैं जो वास्तव में उनके संस्थान के कर्मचारी नहीं हैं।
थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी मोहन सिंह ने बताया कि ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी, लेखाधिकारी दीपांकर रावत ने शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेस कंपनी कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आवृत्त संस्थान है। इस संस्थान को भविष्य निधि की अनुपालन करने के लिए खाता प्रदान किया गया था। इस संस्थान संचालन विकास कुमार पुत्र निवासी आई-260, एलआईजी, नेहरू कॉलोनी देहरादून की ओर से किया जाता है।
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बताया कि भारत सरकार ने सितंबर 2021 में कोरोना महामारी के दौरान नियोक्ता की ओर से अपने संस्थान में नियोजित कर्मचारियों को भविष्य निधि लाभ देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत सभी नए रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान सरकार वहन किया जाना तय हुआ। उक्त योजना की कार्यालयी जांच में यह सामने आया है कि मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेस के स्वामित्वधारी विकास कुमार ने फर्जीवाड़ा किया।
Iडिजिटल हस्ताक्षर से किया मिलानI
थाना प्रभारी ने बताया कि 31,90,563 का आहरण कार्यालय में फर्जी दावे प्रस्तुत कर विभिन्न खातों में किया गया। बताया कि कार्यालय ने 31,90,563 में से 16,01,505 विभिन्न बैंक खातों से वसूला भी जा चुका है। 15,89,058 अभी भी कंपनी से वसूला जाना बाकी है। आरोपी विकास कुमार के हस्ताक्षर का मिलान उसके डिजिटल हस्ताक्षर से किया गया।
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I- कंपनी ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत लिया पीएफ का गलत लाभI
मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेज कंपनी ने फर्जी कर्मचारी दर्शाकर पीएफ का पौने तीन करोड़ रुपये गबन कर लिया। जांच में गबन सामने आने के बाद ईपीएफओ की ओर से कंपनी के खिलाफ थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज किया है।
आरोप है कि कंपनी के मालिक विकास कुमार ने फर्जीवाड़ा करते हुए करीब 933 से ज्यादा लोगों के आधार और बैंक खाते का इस्तेमाल करके आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना के तहत करीब 2,87,56,320 रुपये पीएफ के रूप में जमा करा लिए। ये ऐसे लोग हैं जो वास्तव में उनके संस्थान के कर्मचारी नहीं हैं।
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थाना प्रभारी नेहरू कॉलोनी मोहन सिंह ने बताया कि ईपीएफओ के प्रवर्तन अधिकारी, लेखाधिकारी दीपांकर रावत ने शिकायत दर्ज कराई है। बताया कि मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेस कंपनी कर्मचारी भविष्य निधि एवं प्रकीर्ण अधिनियम, 1952 के अंतर्गत आवृत्त संस्थान है। इस संस्थान को भविष्य निधि की अनुपालन करने के लिए खाता प्रदान किया गया था। इस संस्थान संचालन विकास कुमार पुत्र निवासी आई-260, एलआईजी, नेहरू कॉलोनी देहरादून की ओर से किया जाता है।
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बताया कि भारत सरकार ने सितंबर 2021 में कोरोना महामारी के दौरान नियोक्ता की ओर से अपने संस्थान में नियोजित कर्मचारियों को भविष्य निधि लाभ देने के लिए आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत सभी नए रोजगार प्राप्त करने वाले कर्मचारियों का भविष्य निधि अंशदान सरकार वहन किया जाना तय हुआ। उक्त योजना की कार्यालयी जांच में यह सामने आया है कि मैसर्स सनराइज सेक्योरिटी एंड प्लेसमेंट सर्विसेस के स्वामित्वधारी विकास कुमार ने फर्जीवाड़ा किया।
Iडिजिटल हस्ताक्षर से किया मिलानI
थाना प्रभारी ने बताया कि 31,90,563 का आहरण कार्यालय में फर्जी दावे प्रस्तुत कर विभिन्न खातों में किया गया। बताया कि कार्यालय ने 31,90,563 में से 16,01,505 विभिन्न बैंक खातों से वसूला भी जा चुका है। 15,89,058 अभी भी कंपनी से वसूला जाना बाकी है। आरोपी विकास कुमार के हस्ताक्षर का मिलान उसके डिजिटल हस्ताक्षर से किया गया।