चयन के बाद 1279 शिक्षक कर रहे नियुक्ति का इंतजार
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शिक्षा में सुधार के लिए शिक्षकों का सीआरपी और बीआरपी के पदों के लिए 1279 शिक्षकों का चयन तो कर लिया गया, लेकिन नियुक्ति ढाई माह बाद भी नहीं हो पाई है। नियुक्ति के लिए प्राथमिक और राजकीय शिक्षक संगठन में ठन गई है। मामला मुख्यमंत्री तक पहुंच गया है। दोनों संगठन अपने स्तर से शासन पर दबाव बना रहे हैं। इसी वजह से शासन ने भी हाथ खींच लिए हैं।
प्रदेश में सीआरपी (संकुल संदर्भ व्यक्ति) और बीआरपी (ब्लॉक संदर्भ व्यक्ति) के पदों पर शिक्षकों की तैनाती चयन के बाद एक साल के लिए की जानी है। जिसे वार्षिक मूल्यांकन के आधार पर बढ़ाया या समाप्त किया जा सकता है। इसके लिए 17 जून को शिक्षक चयनित हो चुके हैं।
शासनादेश में स्पष्ट किया गया है कि नए बीआरपी और सीआरपी के कार्यभार ग्रहण करते ही पूर्व से व्यवस्था पर कार्यरत समन्वयकों का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा, लेकिन प्राथमिक और राजकीय शिक्षक संघ के आमने-सामने आने से चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं मिल पा रही है। दोनों संगठन अपने स्तर से शासन पर दबाव बनाए हैं। मामला सीएम के पास पहुंचने से अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है, जो अपने स्तर से किसी भी कार्रवाई से कतरा रहे हैं।
जानिए, शिक्षक संघों का क्या है कहना
माध्यमिक के शिक्षकों को एसएसए नहीं, रमसा में जाना चाहिए। प्राथमिक विद्यालयों के परीक्षा देकर चयनित शिक्षकों को हटाया गया तो कोर्ट जाएंगे। इस प्रकरण में हम मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं, मुख्यमंत्री का भी कहना है कि परीक्षा देकर पहले से इन पदों पर कार्यरत शिक्षकों को हटाने का औचित्य नहीं है।
-दिग्विजय चौहान, प्रांतीय महामंत्री प्राथमिक शिक्षक संघ
इन पदों पर नियुक्ति के लिए विज्ञप्ति में स्पष्ट किया गया है कि चयनित शिक्षकों के आते ही पूर्व में कार्यरत शिक्षक मूल तैनाती पर चले जाएंगे, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। मामले में मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं। सीएम ने आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
-राम सिंह चौहान, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष राजकीय शिक्षक संघ