शिक्षक की इस अनोखी मुहिम के बाद यहां हमेशा 'जिंदा' रहेंगे पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पूर्व पीएम भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी के जीवन से प्रभावित होकर उत्तराखंड के एक शिक्षक ने अनोखी पहल की है। गोपेश्वर के राजकीय इंटर कॉलेज पिपलीधार डांगर में प्रवक्ता जसवंत लाल ने अपनी पुश्तैनी जमीन पर एक अटल वाटिका बनाने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार, अटल वाटिका बनाने के इसके तहत पहले चरण में आम, अमरूद समेत विभिन्न फलदार प्रजाति के दो सौ पौधे रोपे गए हैं। यह वाटिका जंगली जानवरों, खासतौर पर बंदर व परिंदों के लिए भोजन का पर्याय बनेगी।
शिक्षक वाजपेयी के जीवन से इतने प्रभावित हैं कि उन्होंने उनके निधन के बाद उनकी याद में कुछ नया करने की ठानी। इसके लिए उन्होंने अपने गांव मैठाणा में खाली पड़ी पुश्तैनी जमीन और आसपास के क्षेत्र में अटल स्मृति वाटिका बनाने की शुरुआत की है। उन्होंने यहां इस वाटिका की देख रेख का जिम्मा गांव वालों के ऊपर छोड़ा है। वहीं गांव वालों से भी पौधे लगाने की अपील की है।
एक न्यूज वेबसाइट के मुताबिक, जसवंत का कहना है कि, आज जंगलों में पशु पक्षियों के लिए भोजन की पर्याप्त व्यवस्था न होने से जंगली जानवर आबादी में फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। यह वाटिका जानवरों को भोजन उपलब्ध कराने में सहायक होगी। उनकी इस पहल में उनके साथ उनकी मां शशि देवी समेत कई ग्रामीणों ने अभियान में निरंतर सहयोगी बनने का संकल्प लिया है।