{"_id":"58f0484c4f1c1bbc7fcf79b8","slug":"teacher-recruitment-forgery-in-uttarakhand","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री के पास पहुंचा टीचरों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री के पास पहुंचा टीचरों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े का मामला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 14 Apr 2017 09:33 AM IST
विज्ञापन
scam
- फोटो : demo pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर टीचरों की नियुक्ति के मामले की जांच विजिलेंस से कराने के लिए उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे का अनुमोदन लिया जा रहा है। शासन की ओर से अनुमोदन के लिए शिक्षा मंत्री के पास फाइल भेजी गई है।
विज्ञापन
शासन की पत्रावली में कहा गया है कि शासन के पास लगातार ऐसी शिकायतें पहुंच रही हैं कि कुछ शिक्षकों की पहचान फर्जी है या वे किसी दूसरे के प्रमाण पत्र दाखिल करके सरकारी नौकरी पा गए हैं। इनमें से 34 मामले ऐसे हैं, जिनमें जांच पूरी होने के बाद शिकायत सही पाए जाने पर शिक्षकों को बर्खास्त किया जा चुका है।
विज्ञापन
शिक्षा विभाग के स्तर से इनकी जांच में बहुत अधिक समय लग रहा है। कई पहलू अनदेखे भी रह गए हैं। जिन मामलों में बर्खास्तगी की कार्यवाही की गई है, उनमें आपराधिक उत्तरदायित्व के लिए आईपीसी, सीआरपीसी के अंतर्गत दोषी शिक्षकों के अलावा उनको नियुक्त करने वाले अधिकारियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जानी चाहिए।
विज्ञापन
इन समस्त शिक्षकों की शिकायतों की जांच सतर्कता विभाग या विशेष अंवेषण टीम के माध्यम से कराए जाने पर विचार कर लिया जाए। पत्रावली में कहा गया है कि ऐसी जांच के दायरे में केवल शिकायत अधीन शिक्षक ही नहीं बल्कि सभी शिक्षकों को ले लिया जाए। साथ ही, एक बार सभी शिक्षकों के मूल प्रमाण पत्रों की भी जांच करा ली जाए।
फर्जीवाड़े में अफसरों के खिलाफ होगी कार्रवाई: पांडे
शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने कहा कि टीचरों के फर्जीवाड़े के मामले में संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर नियुक्ति का मामला गंभीर है। इसके लिए जितने दोषी टीचर हैं, उतने ही दोषी संबंधित अधिकारी भी हैं। अधिकारियों को टीचरों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की सही से जांच करने के बाद ही नियुक्ति देनी चाहिए।