गाड़ी लेने की सोच रहे हैं तो पहले पढ़ लीजिए यह फरमान, छूट जाएंगे पसीने
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अगर आप गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं तो पहले ये फरमान पढ़ लीजिए। इस खबर को पढ़ने के बाद आपके पसीने छूट जाएंगे।
वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में जल्द ही वृद्धि की जा सकती है। खासतौर पर लग्जरी वाहनों के शुल्क और भी ज्यादा बढ़ाए जा सकते हैं।
दरअसल, शासन ने परिवहन विभाग के लिए राजस्व का लक्ष्य कई गुना बढ़ा दिया है। अब इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए विभाग कहां टैक्स बढ़ा सकता है, उसे लेकर परिवहन अधिकारी मंथन कर रहे हैं।
वाहन खरीदने वालों पर डाला जा सकता है ज्यादा भार
मौजूदा वाहनों की टैक्स दरों में भी वृद्धि पर भी विचार किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग राज्य में लगने वाले एंट्री टैक्स का काम भी निजी क्षेत्र को सौंप सकता है। अभी एंट्री टैक्स वसूलने का काम परिवहन विभाग ही करता है।
उम्मीद लगाई जा रही है कि निजी क्षेत्र में काम सौंपने से ज्यादा टैक्स मिल सकेगा। सूत्रों के अनुसार परमिट फीस, वाहन डीलर फीस में भी वृद्धि की संभावना टटोली जा रही है। इन सभी मामलों को लेकर एक जुलाई को अहम बैठक रखी गई है।
राजस्व की स्थिति बेहतर नहीं
इसमें परिवहन विभाग के राजस्व लक्ष्य में एक, दो नहीं बल्कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 45 प्रतिशत तक की वृद्धि कर दी गई है। 2016-17 में विभाग को 591 करोड़ का लक्ष्य रखा गया था, जिसे 2017-18 में बढ़ाकर 871 करोड़ कर दिया गया है।
अब अधिकारी इसी 871 करोड़ को जुटाने का रास्ता तलाश करने में लगे हैं। विभाग के पास सबसे ज्यादा राजस्व वाहनों के रजिस्ट्रेशन (कुल राजस्व का 66 प्रतिशत) से आता है, उसे ही बढ़ाने की संभावना पर ज्यादा विचार किया जा रहा है। इसमें यूपी परिवहन के टैक्स सिस्टम को भी परखा गया है।
यूपी की तर्ज पर टैक्स बढ़ाने को लेकर मंथन कर रहा
यूपी में नान एसी वाहन (10 लाख तक कीमत) पर सात प्रतिशत, 10 लाख तक एसी वाहन पर आठ प्रतिशत और 10 लाख ऊपर के वाहनों पर 10 प्रतिशत तक रजिस्ट्रेशन टैक्स देना होता है।
उत्तराखंड में केवल दो स्लैब हैं, इसमें 10 लाख तक के वाहनों पर छह प्रतिशत और 10 लाख से ऊपर के वाहनों पर आठ प्रतिशत है, जो यूपी की तुलना में कम है। इसके अलावा यूपी में 40 हजार तक बाइक पर छह प्रतिशत और उससे अधिक कीमत पर 10 प्रतिशत टैक्स देना होता है। अब विभाग कुछ इसी तर्ज पर टैक्स बढ़ाने को लेकर मंथन कर रहा है।
परिवहन विभाग के राजस्व का लक्ष्य 45 प्रतिशत तक बढ़ गया है। ऐसे में लक्ष्य प्राप्ति के लिए रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ाने समेत सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। जनता के पैसे को जनता के हित में खर्च किया जाएगा।
- यशपाल आर्य, परिवहन मंत्री