चमोली आपदा: अपनों की तलाश में पहुंचे बाहरी प्रदेशों के परिजनों की टूटने लगी आस, लौटने लगे घर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ऋषि गंगा की बाढ़ में लापता बाहरी प्रदेशों के लोगों के परिजन मायूस और हताश होकर अब अपने घरों की ओर लौटने लगे हैं। जो अभी भी यहां रुके हुए हैं उनको न रात में नींद आ रही है और न खाने की इच्छा हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन और ठहरने के बाद घर को लौट जाएंगे।
शनिवार को सुरंग और बैराज साइट पर कम ही परिजन मौजूद रहे। पूछताछ केंद्र में भी दोपहर 12 बजे तक सन्नाटा रहा। इसके बाद कुछ लोग अपनों की खोज में यहां पहुंचे। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने उन्हें ढांढस बंधाया और रेस्क्यू कार्य में तेजी का आश्वासन दिया।
ऋषि गंगा में आए इस सैलाब में सैकड़ों लोग अभी भी लापता हैं। शुरुआत में लापता लोगों के परिजन अपनों की तलाश में बैराज साइट, रैणी और सुरंग के समीप बैठकर धौली गंगा को निहारते दिखाई दे रहे थे। पूछताछ केंद्र में भी भीड़ जमा रहती थी लेकिन एक सप्ताह बाद भी अपनों की कोई सूचना न मिलने पर बाहरी प्रदेशों के परिजन अब हताश होकर लौटने लगे हैं।
मिर्जापुर के विजय बाबू और आरके सैनी का कहना है कि यहां रहकर अपनों की याद ज्यादा सता रही है। कुछ दिन और यहां इंतजार करेंगे और घरों को लौट जाएंगे। जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने कहा कि रैणी और तपोवन में मलबे में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आपदा प्रबंधन और सेना के जवान लगातार रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं।
साढ़े चार मीटर तक सुरंग में किया ड्रिल
सुरंग में हैवी ड्रिल मशीन ने काम करना शुरू कर दिया है। शनिवार को देर शाम सात बजे तक मशीन ने सुरंग में लगभग साढ़े चार मीटर तक छेद (ड्रिल) कर दिया है। छेद 12 मीटर तक किया जाना है। गढ़वाल आयुक्त रविनाथ रमन ने बताया कि रात तक कैमरा एसएफटी टनल में भेज दिया जाएगा। यदि टनल में मलबा निकला तो चुनौतियां सामने आ सकती हैं। यदि मलबा नहीं मिला तो जल्द ही फंसे लोगों तक पहुंच सकते हैं।
शनिवार को कब क्या क्या हुआ
- सुबह 10.30 मिनट पर सुरंग में ड्रिल कार्य शुरू
- 11.30 बजे ड्रिल मशीन में मैकेनिकल प्रॉब्लम आई, लोडर से मलबा हटाने का काम हुआ शुरू।
- दोपहर 12 बजे फिर छोटी ड्रिल मशीन से सुरंग में छेद करने का काम हुआ।
- शाम 4 बजे हैवी ड्रिल मशीन सुरंग में पहुंची।
- शाम 5 बजकर 10 मिनट पर हैवी ड्रिल मशीन से हुआ काम।
- शाम 7 बजे तक ड्रिल मशीन ने साढ़े चार मीटर तक किया छेद। साढ़े सात मीटर छेद करना शेष। ड्रिल कार्य जारी।