बच्चों के बस्ते का बोझ होगा कम, सरकार लेकर आई है खास स्कीम
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स्कूली बच्चों के बस्ते का बोझ कम करने के लिए सरकार एक खास स्कीम लेकर आई है। यह स्कीम सुनकर न सिर्फ बच्चे बल्कि अभिभावक भी खुश हो जाएंगे...
दरअसल, विज्ञान और गणित के आठवीं के पांच हजार बच्चों को केंद्रीय विद्यालय संगठन जल्द ही टैबलेट देने जा रहा है। इसके माध्यम से छात्रों के सिर से किताबों का बोझ कम करके, उन्हें ऑनलाइन शिक्षा की ओर लाने का प्रयास किया जा रहा है। केविएस ने देश के सभी 25 रीजन से एक-एक केवि को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसके लिए चुना है। देहरादून में केवि 1 हाथीबड़कला को इसके लिए चुना गया है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन की टैबलेट योजना के तहत दिए जाने वाले टैबलेट मुफ्त होंगे। यह आठवीं कक्षा के उन छात्र-छात्राओं को दिए जाएंगे, जिनके पास विज्ञान या गणित होगा। इन टैबलेट में विज्ञान और गणित के सवाल पहले से अपलोड होंगे। दूसरी ओर टीचर्स भी बच्चे पर नजर रख सकेंगे। खास बात यह है कि आठवीं से 12वीं तक यह टैबलेट छात्र के पास रहेगा। इसमें ऑनलाइन पढ़ाई के साथ ही अन्य शैक्षिक कार्य भी ऑनलाइन हो सकेंगे।
केवि 1 हाथी बड़कला के प्रधानाचार्य इंद्रजीत सिंह का कहना है कि देश में इस प्रोजेक्ट के लिए उनका विद्यालय चुना गया है। यहां के आठवीं के 121 छात्र-छात्राओं और दो शिक्षकों के नाम केविएस को भेजे जा चुके हैं। केविएस ने इस प्रोजेक्ट के लिए उन्हें इंटरनेट कनेक्टिविटी पुख्ता रखने के निर्देश दिए हैं। बच्चे इस टैबलेट को अपने साथ घर भी ले जा सकेंगे।
टैबलेट में सोशल साइट्स होंगी ब्लॉक
बच्चों को दिए जाने वाले इस टैबलेट का मकसद छात्र को ई-एजुकेशन की ओर प्रोत्साहित करना है। केविएस के मुताबिक टैबलेट में सभी सोशल नेटवर्किंग साइट्स के अलावा गेमिंग साइट्स और बच्चों के लिए हानिकारक सभी वेबसाइट्स पहले से ही ब्लॉक रहेंगे। टीचर्स को हर स्टूडेंट से कनेक्ट रखा जाएगा, ताकि टैबलेट पर होने वाली हर गतिविधि से वह परिचित रहें।
केविएस ने बच्चों को भारी बस्ते से छुटकारा दिलाने के लिए यह योजना शुरू की है। इसमें बच्चे का साइंस और मैथ्स का ज्यादातर सिलेबस पहले से ही अपलोड मिलेगा। पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो आने वाले समय में इसे पूर्ण रूप से लागू कर दिया जाएगा। इसके बाद केवि में पढ़ने वाले हर छात्र को टैबलेट मिलेगा।