अनशनरत संत आत्मबोधानंद को उठाने को लेकर पुलिस पर मुकदमा दर्ज कराएंगे शिवानंद, एसएसपी को भेजा पत्र
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने 38 दिनों से अनशन पर बैठे ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जबरन उठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती किए जाने में मामले में अपहरण करने का आरोप लगाते हुए डीएम, एसडीएम के साथ पुलिस अधिकारियों पर मुकदमा दर्ज कराने को एसएसपी को पत्र भेजा है।
उन्होंने कहा कि आखिरकार जिलाधिकारी दीपक रावत ने किस आधार पर तपस्यारत आत्मबोधानंद की फोर्स फीडिंग कराने का आदेश दिया है। उन्होंने ऋषिकेश एम्स के डायरेक्टर से भी पूछा कि वह किस कानून के तहत जिलाधिकारी के आदेश पर फोर्स फीडिंग करा रहे हैं। उन्होंने दोनों बिंदुओं पर एम्स के डायरेक्टर और जिलाधिकारी को तत्काल जवाब देने को कहा है।
मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद गंगा की रक्षा के लिए 24 अक्तूबर से अनशनरत हैं। कई बार टीम आत्मबोधानंद के स्वास्थ्य परिक्षण के लिए मातृसदन आई और उनके गिरते स्वास्थ्य पर के चलते हुए जिला प्रशासन के अधिकारियों ने ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद को जबरदस्ती उठाकर एम्स ऋषिकेश में भर्ती कर दिया।
शुक्रवार को मातृसदनमें पत्रकार वार्ता कर परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने जिला पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों पर ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अपहरण करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले भी इसी तरह स्वामी सानंद को जबरदस्ती उठाकर ले गया और उनकी हत्या करा दी गई। उन्होंने कहा कि ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद के अपहरण के मामले में डीएम दीपक रावत, एसडीएम मनीष कुमार सिंह, तहसीलदार सुनैना राणा, सीओ स्वप्न किशोर सिंह और कनखल थानाध्यक्ष ओमकांत भूषण के खिलाफ अपहरण और हत्या का प्रयास में मुकदमा दर्ज करने के लिए एसएसपी को पत्र लिखा गया है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि खनन माफिया के इशारे पर यह सब किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आश्रम एवं संतों के अधिकारों की रक्षा की गुहार लगाएंगे।