खनन को लेकर फिर बिफरे स्वामी शिवानंद, पुलिस पर लगाया प्रताड़ित करने का आरोप
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने गंगा किनारे स्थापित स्टोन क्रशरों को चलाने की अनुमति देने के साथ गंगा में खनन की अनुमति पर शासन- प्रशासन पर प्रहार किया है।
कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, सीपीसीबी और पूर्व जिलाधिकारी की रिपोर्ट रायवाला से भोगपुर तक गंगा में खनन को अवैध मान चुकी है तो फिर भी खनन खोलना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसा अनर्थ कभी नहीं हुआ।
रायपुर से भोगपुर के बीच में गंगा के किनारे पर पांच किमी की दूरी पर लगे स्टोन क्रशर को संचालित करने के साथ वन निगम की ओर से खनन खोलने पर मातृसदन के ब्रह्मचारी आत्मबोधानंद का अनशन (तपस्या) नौवें दिन भी जारी रही। शासन- प्रशासन की ओर से इसकी सुध नहीं लेने पर मातृसदन में आक्रोश है।
आश्रम में प्रेसवार्ता में स्वामी शिवानंद ने कहा कि जैसा अनर्थ इस बार हो रहा है ऐसा कभी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि हाईकोर्ट के साथ ही सीपीसीबी का आदेश है कि गंगा में खनन न किया जाए। वैज्ञानिक रिपोर्ट के अनुसार भी भोगपुर तक गंगा एवं सहायक नदियों में खनन नहीं किया जा सकता।
मातृसदन को सूचना देने वाले को प्रताडित किया
उन्होंने बताया कि पूर्व जिलाधिकारी हरीश चंद सेमवाल ने रिपोर्ट दी थी कि गंगा एवं सहायक नदियों में खनन रोकने को स्टोन क्रशरों को गंगा से पांच किमी की दूरी पर लगाया जाना चाहिए, लेकिन प्रमुख सचिव उद्योग ने उस रिपोर्ट का अनुपालन नहीं कराया।
उन्होंने स्टोन क्रशर के आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन की वीडियो दिखाते हुए बताया कि बिना अनुमति के क्रशर संचालकों ने गहरे गड्ढ़े खोद डाले हैं और वहां पर तालाब बन गए है। उन्होंने बताया कि जहां पर फसलें उगाई जाती हो और पर्याप्त पानी की व्यवस्था हो वहां पर खनन नहीं कराया जा सकता। उन्होंने जिलाधिकारी दीपक रावत पर नमामि गंगे के तहत गंगा सफाई के नाम पर हुए करोड़ों रुपये की बंदरबांट करने का आरोप लगाया।
अवैध खनन कर खनन सामग्री एकत्रित करने वाले स्टोन क्रशर की वीडियो बनाने पर शाहपुर निवासी नीटू को पुलिस ने प्रताड़ित किया। फेरुपुर पुलिस चौकी प्रभारी एवं अन्य पुलिस कर्मियों ने वीडियो बनाने पर उसका मोबाइल छीनकर डाटा डिलीट कर दिया। स्टोन क्रशर के मालिक ने भी उसे धमकी दी। एलएलबी के छात्र शाहपुर निवासी नीटू ने पूरे वाकया से मातृसदन को अवगत कराया। स्वामी शिवानंद ने बताया कि नीटू भी उनकी तरह नदियों को बचाने की मुहिम में जुटा है।