राम मंदिर के लिए अब आमरण अनशन पर नहीं बैठेंगे स्वामी सत्यमित्रानंद, संतों के आग्रह पर वापस ली घोषणा
अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण की मांग के लिए छह दिसंबर के बाद हरकी पैड़ी पर आमरण अनशन करने की घोषणा करने वाले भारत माता मंदिर के संस्थापक स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज ने संतों के आग्रह पर अपनी घोषणा को वापस ले लिया है।
स्वामी सत्यमित्रानंद सरस्वती ने दीपावली से पहले चेतावनी दी थी कि यदि छह दिसंबर तक अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू नहीं किया जाता है तो हरकी पैड़ी पर आमरण अनशन करेंगे।
इस बारे में जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज, बाबा हठयोगी दिगम्बर, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी प्रेमदास, स्वामी विवेकानंद, स्वामी कमलेशानंद, महंत विष्णु दास, महंत नारायण दास, महंत दुर्गादास व विश्व हिंदू परिषद के चम्पतराय, मिलिंद परांडे सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने स्वामी सत्यमित्रानंद सरस्वती से मिलकर और पत्र लिखकर अपनी अनशन की घोषणा को वापस लेने का आग्रह किया था।
जगद्गुरु रामानंदाचार्य, स्वामी हंसदेवाचार्य महाराज ने स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज से मिलकर अखिल भारतीय संत समिति की ओर से आग्रह करते हुए कहा कि स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि महाराज अध्यात्म जगत के शीर्ष महापुरुष हैं।
जिनकी अगुवाई में संत समाज एकजुट होकर धर्म की रक्षा मानवमात्र की सेवा और परमार्थ के कार्यों में संलग्न हैं। श्रीरामजन्म भूमि पर मंदिर का निर्माण शीघ्र होगा। इसके बाद स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि ने बताया कि संतों के आग्रह पर उन्होंने फिलहाल अनशन नहीं करने का निर्णय लिया है।