सानंद का अपमान करने वालों पर स्वामी शिवानंद करेंगे 10 करोड़ रुपये की मानहानी का मुकदमा
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मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती ने कहा कि स्वामी सानंद विश्व ख्याती के व्यक्ति थे। उन्होंने अपना जीवन गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए न्योछावर कर दिया। सानंद का अपमान करने वाले हर व्यक्ति पर कम से कम दस करोड़ रुपये की मानहानी का मुकदमा करेंगे। उन्होंने कहा कि संत गोपालदास भी स्वेच्छा से ही अनशन पर बैठे थे।
मातृसदन के स्वामी शिवानंद सरस्वती शनिवार को मातृसदन में पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एम्स के डायरेक्टर का यह कहना सानंद का अपमान है कि उन्हें अनशन समाप्त करने से कोई रोक रहा था। जिस पर एम्स के डायरेक्टर पर दस करोड़ रुपये की मानहानी का मुकदमा करेंगे। यदि कोई अन्य व्यक्ति भी स्वामी सानंद का अपमान करेगा तो उसके खिलाफ मानहानी का मुकदमा किया जाएगा। फिर चाहे वह देश के प्रधानमंत्री ही क्यों न हो।
उन्होंने कहा कि संत गोपालदास स्वामी निगमानंद के अनशनकाल के दौरान से मातृसदन से जुड़े हुए थे, लेकिन इसी बीच उनकी संत गोपालदास से कम ही वार्ता हुई है। वह स्वामी सानंद के समर्थन में स्वेच्छा से ही बदरीनाथ में अनशन पर बैठे और स्वेच्छा से ही मातृसदन आए।
परिजनों को प्रशासन ने मातृसदन के खिलाफ उकसाया
स्वामी शिवानंद ने आरोप लगाते हुए कहा कि स्वामी सानंद के परिजनों को प्रशासन ने मातृसदन के खिलाफ उकसाया और ये कहने के लिए कहा कि मातृसदन ने स्वामी सानंद को अनशन पर बैठने के लिए उकसाया। लेकिन स्वामी सानंद के परिजनों ने इस बात से इनकार कर दिया, क्योंकि स्वामी सानंद अनशन पर बैठने के घोषणा मातृसदन को बताए बिना ही कर चुके थे।
प्रशासन से वसूली करेगा मातृसदन
स्वामी शिवानंद ने कहा कि प्रशासन की टीम बिस्तर सहित संत गोपालदस को उठाकर ले गई। जबकि वह बिस्तर आश्रम की संपत्ति है, जिसे बिना अनुमति के मातृसदन से ले जाया गया है। जिस पर मातृसदन तहसीलदार और कनखल एसओ को वसूली के लिए नोटिस भेजेगा।
अभी तक नहीं दिया गया शरीर
मातृसदन ने शुक्रवार को एम्स डायरेक्टर को पत्र लिखकर लोगों के दर्शन के लिए तीन दिनों के लिए स्वामी सानंद का शरीर मांगा था, जिसका एम्स की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। स्वामी शिवानंद ने कहा कि स्वामी सानंद का शरीर लेने का प्रयास जारी है, ताकि गंगा स्नान कराकर उनकी अंतिम इच्छा पूरी की जा सके और लोग भी उनके अंतिम दर्शन कर श्रद्घांजलि अर्पित कर सकें।