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सस्पेंड हुए तो क्या, तिकड़मी हैं, बहाल तो हो ही जाएंगे

Sat, 18 Apr 2015 09:32 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 18 Apr 2015 09:32 PM IST
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suspended teacher of uttarakhand schools.

बृहस्पतिवार को 1120 स्कूलों के औचक निरीक्षण में अनुपस्थित रहे 37 शिक्षकों को निलंबित करने के आदेश देने के पीछे वजह भले ही अन्य शिक्षकों को अपनी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदार बनाना हो। लेकिन बीते एक साल में सस्पेंड हो चुके 200 से अधिक शिक्षकों में से अधिकतर की कुछ समय बाद ही बहाली को देखते हुए इसके आसार कम नजर आ रहे हैं।

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निलंबित किए गए अधिकतर शिक्षक मेडिकल दिखाने के बाद 15 से छह माह में बहाल हो जा रहे हैं। इससे शिक्षकों का तो कुछ नहीं बिगड़ता, लेकिन बच्चों के साथ जरूर खिलवाड़ हो रहा है।
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सूत्रों के अनुसार, निलंबन के बाद मेडिकल दिखाकर आकस्मिक अवकाश बताया जाना बहाली का आसान जरिया है। बहाली के बाद ऐसे शिक्षकों को पूरा वेतन भी देना पड़ता है। कहा यह भी जा रहा है कि निलंबन कुछ शिक्षकों के लिए आराम का भी जरिया है।

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बहाली के अपनाते हैं ये तिकड़म

suspended teacher of uttarakhand schools.

ऐसा है तो इसका मतलब यह भी है कि कुछ शिक्षक जानबूझकर बिना सूचना दिए स्कूल से अनुपस्थित रहते हैं, क्योंकि निलंबन के बाद विभाग की ओर से शिक्षकों को खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों से संबद्ध कर दिया जाता है।

संबद्ध होने के बाद शिक्षक बीईओ ऑफिस में जाते हैं, हाजिरी लगाते हैं और घर लौट जाते हैं।

सूत्रों के अनुसार, कुछ शिक्षक ऐसे भी हैं जों संबद्ध होने के बाद बीईओ आफिस में जाते ही नहीं, 10 से 15 दिनों तक घर में रहते हैं या फिर दूसरा काम करते हैं। इसके बाद एक साथ पूरे दिनों की हाजिरी लगा लेते हैं। कुछ शिक्षकों का कहना है कि आकस्मिक अवकाश पहले से तय नहीं होता। यदि किसी शिक्षक को सस्पेंड कर दिया गया है तो आकस्मिक अवकाश दिखा दो और बहाल हो जाओ।

ये उदाहरण आंखें खोल देंगे

suspended teacher of uttarakhand schools.

वर्ष 2014 में 11 से 14 नवंबर तक चार दिन चले स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान प्राथमिक विद्यालय कुंआवाला की शिक्षिका आभा, खताड कालसी की मीरा इसी स्कूल की शुभ लक्ष्मी और प्राथमिक विद्यालय गुडरिच विकासनगर की नीलम सहित राजधानी दून की आठ शिक्षिकाएं सस्पेंड हुईं और कुछ समय बाद बहाल हो गईं। बहाली के बाद शिक्षिकाओं को पूरा वेतन देना पड़ा।

इनका है कहना
राजधानी में वर्ष 2014 में जितने भी शिक्षक सस्पेंड हुए थे, उन्हें मेडिकल के आधार पर बहाल कर दिया गया। निलंबित शिक्षकों को बीईओ कार्यालय से संबद्ध किया जाता है, इस दौरान उन्हें आधा वेतन दिया जाता है। इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि गलत मेडिकल बनाकर कोई शिक्षक बहाल न हो जाए।
-एसपी खाली, मुख्य शिक्षा अधिकारी

शिक्षकों को निलंबित करने से बच्चों का नुकसान होता है, इस अवधि में वहां दूसरे शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती, इससे अच्छा यह होता कि शिक्षक को चेतावनी ही दी जाती।
-सतीश घिल्डियाल, संयुक्त मंत्री जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ

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