बवाल पर बोले मंत्री, 'नहीं किया कोई फोन, कॉल जांच करा लो'
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी ने सोमवार रात को हुई घटना पर दुख जताते हुए कोटद्वार के बिगड़ते हालात के लिए एक राजनीतिक दल और कुछ संगठनों को जिम्मेदार बताया। कहा कि दो पक्षों की आपसी मारपीट की घटना के मामले को एक षड्यंत्र के तहत सांप्रदायिक रूप देने का प्रयास किया गया। शहर के शांत माहौल को बिगाड़ने के लिए जो भी जिम्मेदार होगा उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
बुधवार को कोटद्वार में आयोजित पत्रकार वार्ता में स्वास्थ्य मंत्री ने एक राजनीतिक दल पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया। कहा कि उन्हें घटना की जानकारी मंगलवार सुबह साढ़े सात बजे कोतवाल से मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत इसकी सूचना मुख्यमंत्री को दी और पुलिस अधीक्षक और डीएम को हालात पर काबू पाने के लिए निर्देशित किया।
उन्होंने विपक्षी दल को चुनौती देते हुए कहा कि उनके पास घटना की रात को उनके द्वारा पुलिस को किसी भी प्रकार का फोन किए जाने का सबूत हो तो झंडाचौक पर सभा कर उसका खुलासा करें। नहीं तो मान लिया जाएगा कि उन्होंने शहर का माहौल खराब करने का षड्यंत्र रचा है।
सांप्रदायिक दंगों का रूप देने का रचा गया षड्यंत्र
मंत्री ने कहा कि वे इसके लिए अपनी फोन कॉल की जांच कराने को तैयार हैं। कुछ दिनों में मामले का खुलासा हो जाएगा, तब क्षेत्र की जनता को असलियत का पता चल जाएगा।
उन्होंने कहा कि राजनीतिक दल के पास विकास का कोई मुद्दा नहीं है। सस्ती लोकप्रियता हासिल करने के लिए सोची-समझी साजिश के तहात सांप्रदायिक दंगों जैसा षड्यंत्र रचकर क्षेत्र की भोली भाली जनता को भ्रमित किया गया है।
उन्होंने कहा कि बवाल में चाहे पुलिस की एफआईआर दर्ज करने में गलती हो अथवा महिलाओं पर लाठी चार्ज जो भी लापरवाही रही होगी उसकी सक्षम अधिकारी से जांच कराई जाएगी। उन्होंने क्षेत्र की जनता से किसी के बहकावे में न आकर शहर की शांति व्यवस्था बनाए रखने में योगदान देने की अपील की।
स्वास्थ्य मंत्री ने फोन नहीं किया: कोतवाल
स्वास्थ्य मंत्री सुरेंद्र सिंह नेगी के बुलाने पर सीओ बचन सिंह राणा, और प्रभारी कोतवाल विजय सिंह पत्रकार वार्ता में पहुंचे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि घटना की रात को उनके लिए मंत्रीजी का फोन नहीं आया। उन्होंने ही सुबह उनके कोटद्वार दौरे को लेकर, शहर का माहौल खराब होने की सूचना फोन पर दी थी।
उन पर गिरफ्तारी न करने को लेकर किसी का दबाव नहीं बनाया गया है। उन्होंने तहरीर मिलने के बाद रात के करीब तीन बजे तक तीन आरोपियों की गिरफ्तारी कर दी थी। सीओ ने बताया कि रात को तहरीर लिखने वालों ने दस बार, दस पन्ने लिखे और फाड़े।
वे कभी किसी का नाम लिख रहे थे कभी किसी का नाम काट रहे थे। हम रात को बैठकर उनकी तहरीर का इंतजार करते रहे जिसके कारण एफआईआर लिखने में विलंब हुआ।