उत्तराखंड: पेट्रोल की तर्ज पर रोज तय होंगे चीनी के दाम, मिलों का होगा स्पेशल ऑडिट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पेट्रोल की तर्ज पर अब हर दिन चीनी के मूल्य का निर्धारण होगा। साथ ही चीनी मिलें अब रिटेल में भी चीनी बेच सकेंगी। अगर आम उपभोक्ता को यदि बड़ी मात्रा में चीनी की जरूरत होगी तो वह सीधे मिल से खरीद सकेगा। लेकिन मिलों से चीनी कुंतल के हिसाब से ही खरीदी जा सकेगी।
गन्ना विकास मंत्री प्रकाश पंत ने चीनी मिलों के वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रबंधन की समीक्षा बैठक में यह निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि चीनी बिक्री की दरों का निर्धारण चीनी मिल फेडरेशन करेगी। व्यापारियों को कुल पांच दिन का समय दिया जाएगा, तीन दिन निर्धारित धनराशि जमा करने और दो दिन उठान के लिए होंगे। दरों का प्रतिदिन निर्धारण कर फेडरेशन इसकी एडवाइजरी हर दिन चीनी मिलों को भेजेगी।
गन्ना विकास मंत्री ने विभाग को सबसे पहले चीनी मिलों का स्पेशल ऑडिट कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध ऑडिट के जरिये सबसे पहले मिलों की वित्तीय स्थिति का पता लगाया जाए और उस आधार पर सुधारात्मक उपाय किए जाएं। बैठक में आयुक्त गन्ना महाप्रबंधक (शुगर) एके भट्टाचार्य, अधिशासी निदेशक डोईवाला चीनी मिल मनमोहन सिंह और कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी इत्यादि मौजूद थे।
आय बढ़ाने को होंगे दीर्घकालिक उपाय
आय बढ़ाने को होंगे दीर्घकालिक उपाय
‘अमर उजाला’ से बातचीत में पंत ने कहा कि सरकारी और सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की आर्थिक मजबूती के लिए दीर्घकालिक सुधार रणनीति अपनाई जाएगी। चीनी मिलों का आधुनिकीकरण होगा। इसके तहत दो चीनी मिलों का यूजेवीएनएल से अनुबंध किया गया है। यह करार चीनी मिलों की टरबाइन के जरिये बिजली पैदा करने और उसे बेचकर राजस्व बढ़ाने के लिए किया गया है। एथनॉल एवं संबंधित उत्पाद बनाने के लिए डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट की मांग की गई। इससे चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति को सुधारा जाएगा।
चीनी मिलों पर किसानों की देनदारी
चीनी मिल देनदारी (करोड़ में)
बाजपुर 113.41
नादेही 95.12
किच्छा 138.69
डोईवाला 92.88
कुल 440.11