रुड़की: शिक्षक के खिलाफ उपखंड शिक्षा अधिकारी ने दर्ज कराया मुकदमा, जानें पूरा मामला
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फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के जरिए नौकरी पाने के आरोप में एसआईटी की ओर से दिए गए आदेश के बाद शिक्षक पर मुकदमा दर्ज हुआ है। भगवानपुर ब्लाक में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के जरिए नौकरी पाए जाने के आरोप में दर्ज किए गए मुकदमे का यह पहला मामला है।
एसआईटी और शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। गौरलतब है कि पूरे प्रदेश में फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर सरकारी एवं अर्द्ध सरकारी स्कूलों में नौकरी पाने वाले शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की एसआईटी जांच पड़ताल कर रही हैं।
बताया जा रहा है कि सरकारी स्कूलों के मुकाबले सहायता प्राप्त सरकारी स्कूलों में बड़े पैमाने पर फर्जी डिग्रियों के आधार पर शिक्षकों की नियुक्ति की गई हैं। जांच पड़ताल के बाद एसआईटी लगातार शिक्षकों के खिलाफ मुकदमें दर्ज करा रही हैं।
बृहस्पतिवार को एसआईटी के आदेश पर उपखंड शिक्षा अधिकारी कुंदन सिंह ने भगवानपुर ब्लांक के प्राथमिक विद्यालय अलावलपुर में तैनात शिक्षक जवेंद्र के खिलाफ तहरीर दी है। आरोप है कि एसआईटी की जांच में शिक्षक के प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए है।
जिसके बाद उपखंड शिक्षा अधिकारी की ओर से आरोपी शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ज्ञात हो कि पिछले कई सालों में आरटीआई की जरिए भी इस तरह की जानकारी जुटाकर शासन स्तर पर शिकायतें की जा रही हैं, लेकिन पिछले कुछ महीनों में राज्य सरकार के आदेश पर ऐसे शिक्षकों के खिलाफ शिकंजा कस दिया गया हैं।
एसआईटी जांच शुरू होने के बाद से ही फर्जी नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों समेत स्कूली प्रबंधन एवं अधिकारियों में भी हडकंप की स्थिति हैं। अब जबकि भगवानपुर ब्लांक के एक शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज होते ही इसे लेकर फर्जीवाड़े में शामिल शिक्षकों की बेचैनी बढ़ गई है।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ब्रहमपाल सैनी का कहना है कि जिले में तमाम ऐसे शिक्षक है जिनके प्रमाण पत्रों की जांच की जा रही है। जिला शिक्षाधिकारी का यह भी कहना है कि जिन शिक्षको का प्रमाण पत्र फर्जी पाया जाएगा उनके खिलाफ नियमानुसार कार्र्रवाई की जाएगी।