एससी शिक्षक के विरोध में आए दो दर्जन से ज्यादा छात्रों ने किया स्कूल का बहिष्कार, जानिए पूरा मामला
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अनुसूचित जाति के एक शिक्षक के खिलाफ स्कूल के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने शिक्षक पर स्कूल में धार्मिक और सामाजिक मान्यताओं के विरोध में टिप्पणी के आरोप को लेकर गांव के कुछ लोग और छात्र, शिक्षक के विरोध में आ गए हैं।
मामला बढ़ा तो अनुसूचित समाज से जुड़े गांव के कुछ लोगों ने शिक्षक को सही ठहराया तो कुछ ने विरोध किया। मामला सामने आने के बाद स्कूल में छात्र बंट गए हैं। यहीं नहीं तीन दिनों से अनुसूचित जाति से जुड़े करीब दो दर्जन छात्रों ने स्कूल का बहिष्कार कर आना बंद कर दिया है।
कुंजा बहादरपुर गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में शिक्षक सुखपाल सिंह भास्कर बौद्ध धर्म को मानने वाले हैं। आरोप है कि वह धार्मिक और सामाजिक मान्यता विरोधी टिप्पणी करते हैं।
चार-पांच दिन पूर्व कुछ बच्चों ने घर पर इसकी सूचना दी। इसके बाद तीन दिन पूर्व गांव के कई लोग कॉलेज पहुंचे और शिक्षक के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद अनुसूचित और गैर अनुसूचित बिरादरी के लोग बंट गए।
कुछ लोगों ने शिक्षक का विरोध तो कुछ ने पक्ष लेना शुरू कर दिया। यही नहीं मामले को लेकर गांव में बैठक भी हुई। इसके बाद गांव के अनुसूचित जाति के दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं ने कॉलेज आना बंद कर दिया है।
वहीं, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि वे छुट्टी पर हैं और उन्हें मामले की जानकारी नहीं है। मामले में छात्रों से लिखित में मांगा गया है कि शिक्षक से उन्हें क्या शिकायत है। इस बाबत उक्त शिक्षक से भी स्पष्टीकरण तलब किया गया है। दोनों पक्षों के लोगों से संपर्क किया जा रहा है। कोशिश है कि बातचीत कर समस्या का हल निकले और छात्र स्कूल आना शुरू करें।
-आरके चौधरी, प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य ने स्पष्टीकरण मांगा था और मैंने उसका लिखित में जवाब दे दिया है। इसके अलावा मुझे और कुछ नहीं कहना है।
सुखपाल सिंह भास्कर, शिक्षक