सूरज हत्याकांड: आरोपी आईटीबीपी कर्मियों की जमानत अर्जी खारिज, नृशंस तरीके से हुई थी हत्या
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नैनीताल जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने हल्दूचौड़ में आईटीबीपी में भर्ती होने आए नानकमत्ता निवासी सूरज की हत्या के आरोपी आईटीबीपी के तीनों कांस्टेबलों की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।
अभियोजन पक्ष ने अदालत को बताया कि 18 अगस्त को वार्ड नंबर सात अनाज मंडी नानकमत्ता निवासी ओम प्रकाश ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनका बेटा सूरज कुमार (24) 15 अगस्त की शाम 34वीं वाहिनी आईटीबीपी हल्दूचौड़ में भर्ती होने के लिए दोस्तों के साथ गया था।
16 अगस्त को सूरज दौड़ में सफल हो गया। दौड़ के बाद टोकन जमा करने को लेकर आईटीबीपी के कुछ अधिकारियों से उसका विवाद हो गया। इसके बाद से वह लापता हो गया। खोजबीन के दौरान 18 अगस्त की शाम सूरज का शव आईटीबीपी कैंप के बाहर स्थित झाड़ियों में मिला।
इस मामले में पुलिस ने आईटीबीपी के तीन कर्मियों के खिलाफ हत्या और हत्या के बाद शव को छुपाने का केस दर्ज कर लिया। 26 अगस्त को पुलिस ने सूरज की हत्या के आरोप में हेड कांस्टेबल संदीप यादव निवासी ग्राम सिरोही जिला सीकर राजस्थान, कांस्टेबल सुरेंद्र कुमार निवासी ग्राम सलेमपुर थाना अटेली हरियाणा और कांस्टेबल चंद्रशेखर निवासी सानीपुर कला थाना सीकारपुर जिला बुलंदशहर को गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार को तीनों हत्यारोपियों के जमानत प्रार्थनापत्र जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव कुमार खुल्बे की अदालत में पेश किए गए, जिसका जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) सुशील कुमार शर्मा ने विरोध किया।