फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   student suffers from selfish teacher

काश! छात्रों के लिए आंदोलन करते शिक्षक

Wed, 24 Aug 2016 04:20 PM IST
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 24 Aug 2016 04:20 PM IST
विज्ञापन
student suffers from selfish teacher
teachers - फोटो : file photo

शिक्षा पर हर साल अरबों रुपये खर्च हो रहा है, केंद्र और राज्य की कई योजनाएं चल रही हैं, इसके बावजूद कक्षा पांचवीं के 30 से 40 फीसदी बच्चे कक्षा दो के स्तर का पाठ नहीं पढ़ पा रहे हैं।

विज्ञापन


प्रदेश के 986 स्कूल जर्जर हाल हैं और सैकड़ों स्कूल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हैं। माध्यमिक स्कूलों का भी यही हाल है। यहां शिक्षकों के चार हजार से अधिक पद खाली हैं, लेकिन शिक्षक इन स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के हितों के बजाय केवल अपनी मांगों को लेकर सड़कों पर हैं। काश! शिक्षक इन छात्रों के लिए भी सड़कों पर उतरते तो प्रदेश में खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था में कुछ सुधार हो सकता था।
विज्ञापन


प्रदेश के कई प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवन जर्जर स्थिति में हैं, सैकड़ों स्कूलों में फर्नीचर तो दूर टाट पट्टी तक नहीं है। बिजली और पेयजल की समस्या बनी हुई है, शौचालय नहीं है। बच्चे ठंडे फर्श पर बैठने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


बच्चों के लिए सर्व शिक्षा अभियान, राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान, बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजना आदि कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन न तो स्कूलों की स्थिति सुधर रही है न ही शिक्षा गुणवत्ता में सुधार हो पा रहा है। अच्छा होता कि शिक्षक अपनी मांगों के साथ ही प्रदेश के इन स्कूलों में पढ़ने वाले दस लाख से अधिक नौनिहालों के हितों को लेकर भी सड़कों पर उतरते।

कक्षा दो का पाठ भी नहीं पढ़ पा रहे बच्चे
प्रथम एजूकेशन फाउंडेशन की एक रिपोर्ट में मुताबिक प्रदेश में 2006 से 2014 तक किए गए सर्वे में पांचवीं कक्षा के 30 से 40 फीसदी बच्चे कक्षा दो के स्तर का पाठ पढ़ना नहीं जानते। सर्वे में यह भी देखने में आया कि कक्षा पांचवीं के 59 से 68 फीसदी बच्चे अंग्रेजी का वाक्य नहीं पढ़ पा रहे हैं। वहीं कक्षा पांचवीं के बच्चे 47 से 70 फीसदी बच्चे भाग करना नहीं जानते। 


शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं, शत प्रतिशत शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ठीक से न पढ़ाने वाले शिक्षकों की गोपनीय आख्या तैयार की जा रही है। रही शिक्षकों की मांगों की बात विभाग में उनकी कोई मांग लंबित नहीं है, कुछ वित्त के मामले हैं जो शासन स्तर पर विचाराधीन हैं।
- सीमा जौनसारी, शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed