दून में पहले भी सामने आ चुका है एक छात्र का आतंकियों से कनेक्शन, आतंकी बनने के बाद किया था सरेंडर
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दून में यह पहला मामला नहीं है जब किसी कश्मीरी छात्र का नाम आतंकी संगठन से जोड़ा गया है। पिछले साल दानिश नाम के एक छात्र के हिजबुल से जड़ने की बात सामने आई थी। दानिश ने कश्मीर में सुरक्षा बलों के सामने आत्मसमर्पण किया था।
दानिश के बारे में पता चला था कि वह 12वीं पास करने के बाद देहरादून आ गया था और यहां सेलाकुई स्थित एक शिक्षण संस्थान से बीएससी कर रहा था। उसके अंतिम सेमेस्टर के पेपर चल ही रहे थे कि इसी बीच 26 मई 2017 को वह अचानक गायब हो गया।
इसके एक दिन बाद वह बुरहान वानी के साथी सब्जार बट के जनाजे में भी शामिल हुआ। इसके बाद उसने सुरक्षा बलों के सामने सरेंडर कर दिया था। मामले में जब खुफिया एजेंसियों ने जांच की तो पता चला कि सब्जार बट के जनाजे में उसके साथ तीन और छात्र भी नारे लगाते हुए फोटो में दिखाई दिए हैं।
लगभग 600 कश्मीरियों का हुआ था सत्यापन
ये छात्र भी देहरादून के ही एक शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले बताए गए। हालांकि, जांच के बाद पता चला कि इन छात्रों का आतंकियों से कोई संबंध नहीं है। शिक्षण संस्थान ने दानिश को तो निष्कासित कर दिया था। बाकी तीनों छात्रों कोर्स पूरा करने के बाद यहां से भेज दिया गया था।
दानिश का मामला सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियों ने दून पुलिस से यहां रहने वाले कश्मीरियों की रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद देहरादून पुलिस ने करीब 580 कश्मीरी छात्रों व अन्य लोगों का सत्यापन कर खुफिया एजेंसी को रिपोर्ट सौंपी। इस सत्यापन के दौरान भी किसी के संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त होने की जानकारी पुलिस को नहीं मिली थी।