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मिनिस्ट्रीयल कर्मियों का यू टर्न, अपनी मांग से पलटे
Updated Thu, 25 Sep 2014 04:57 PM IST
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कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने बुधवार को यू टर्न लेते हुए दो दिन पहले के फैसले को निरस्त कर दिया। मुख्य सचिव को पत्र भेजकर मिनिस्ट्रीयलकर्मियों ने कहा कि वे किसी हाल में नायब तहसीलदारी की मांग नहीं छोड़ेंगे।
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दो दिन पहले मिनिस्ट्रीयल कर्मियों ने मुख्य सचिव, अध्यक्ष राजस्व परिषद को पत्र भेजकर कहा था कि कानूनगो का पद मिलने पर वे हड़ताल खत्म कर देंगे।
कर्मचारी संघ की बैठक में बदला फैसला
बुधवार सुबह उत्तराखंड मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ की बैठक में इस मुद्दे पर मतभेद उभर आए। विचार मंथन के बाद तय हुआ कि मांगें यथावत रहेंगी। मुख्य सचिव को भेजे गए पत्र में कहा गया कि प्रांतीय कार्यकारिणी ने निर्णय लिया है कि पूर्व में भेजी गईं चार सूत्री मांगों में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
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प्रांतीय महामंत्री आशीष वर्मा ने कहा कि अब मुख्य मांग नायब तहसीलदारी में कोटा बहाली हो गई है। मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी। बैठक में अजय गोयल, राजेंद्र कुमार, राजेंद्र सिंह नेगी आदि रहे।
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कर्मचारियों से नाराज हुए मंत्री
विभिन्न मांगों के संबंध में उत्तराखंड कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रीयल कर्मचारी संघ का प्रतिनिधि मंडल वन मंत्री दिनेश अग्रवाल से मिला। संघ के जिलाध्यक्ष राजेंद्र कुमार ने बताया कि मंत्री ने हड़ताल पर नाराजगी जाहिर की। कर्मचारी वहां से बैरंग लौट आए।
पदाधिकारियों ने बताया कि वे बाद में पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से मिले। नायब तहसीलदारी में कोटा बहाली के संबंध में फैसला बहुगुणा के कार्यकाल में ही हुआ था। पूर्व मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री से वार्ता करने का वादा किया है।