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पौने दो लाख कर्मचारी काम पर लौटे
अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 07 Nov 2013 10:06 AM IST
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उत्तराखंड में करीब 21 दिन की हड़ताल के बाद गुरुवार को दो लाख राज्य कर्मचारी काम पर लौटेंगे। बुधवार को मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से आधा घंटे की बातचीत के बाद सरकार और कर्मचारियों में सहमति बन गई।
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वेतन विसंगतियों का निस्तारण 25 को
कर्मचारियों की अनिवार्य तीन पदोन्नतियों से संबंधित शासनादेश भी तुरंत जारी कर दिया गया। 2800 ग्रेड पे समाप्त करने पर 20 नवंबर से पहले फैसला करने का आश्वासन दिया गया। वेतन विसंगतियों का निस्तारण 25 नवंबर को किया जाएगा।
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शासनादेश और सहमति के मिनट्स हाथ में आने के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल खत्म करने का ऐलान कर दिया। हालांकि मुख्यमंत्री आवास पर वार्ता शुरू होने से पहले मुख्य मांगों पर अधिकारियों ने असहमति जता दी थी। जहां प्रमुख सचिव वित्त राकेश शर्मा इन बिंदुओं पर सहमत थे, वहीं सचिव वित्त भास्करानंद सहमत नहीं थे।
बातचीत के एक घंटे बाद जारी किया शासनादेश
बाद में मुख्यमंत्री के निर्देश पर कर्मचारियों की मांगों को मान लिया गया। तीन अनिवार्य पदोन्नतियों का शासनादेश बातचीत के एक घंटे बाद जारी कर दिया गया। इसके बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद की आम सभा में हड़ताल समाप्त करने का ऐलान परिषद के अध्यक्ष प्रहलाद सिंह ने किया।
उन्होंने कहा कि हड़ताल से हुए नुकसान की भरपाई के लिए कर्मचारी दफ्तरों में एक महीने तक दो घंटा अधिक काम करेंगे।
कर्मचारियों को क्या मिला
- सेवाकाल में तीन अनिवार्य पदोन्नति या फिर तीन पदोन्नति वेतनमान का ग्रेड
- पर्वतीय विकास भत्ता बना उत्तराखंड विकास भत्ता। पूरे प्रदेश में समान रूप से लागू, पहले यह 1000 मीटर से ऊपर के क्षेत्रों के लिए लागू था
- कोटद्वार, दुगड्डा, श्रीनगर और ऋषिकेश, भीमताल को सी, मसूरी को बी-टू श्रेणी का मकान किराया भत्ता
- परिषद को कार्यालय के लिए जमीन
- कर्मचारी संगठन पदाधिकारियों को संगठन कार्य के लिए 12 दिन का अवकाश
- निजी वाहन का उपयोग सरकारी काम के लिए करने पर 1200 रुपये वाहन भत्ता। फिक्सड टीए का शासनादेश समाप्त
- मृतक आश्रित कार्मिकों की ज्येष्ठता निर्धारण एवं पदोन्नति के लिए पात्रता का निर्धारण नियुक्ति तिथि से की जाएगी
- राज्य कर्मचारियों को चार पहिया और दो पहिया वाहनों में वैट में छूट
लंबित मामले
- वेतन विसंगतियों का निस्तारण (25 नवंबर को निर्णय)
- 2800 ग्रेड पे समाप्त करना (20 नवंबर को फैसला)
- कामन कैटेगरी के पदों की समकक्षता शैक्षिक योग्यता, भरती के स्रोत(राज्य में अथवा अन्य राज्यों मे समकक्ष पदों के समान आधार पर तय होगी
- डीआरडीए का ग्राम विकास में समायोजन, स्थानीय निकाय, निगम, प्राधिकरण को भी राज्य कर्मचारियों की तरह लाभ
- राजस्व संग्रह अमीनों से संबंधित मसले वेतन विसंगति बैठक में आएंगे
- उद्यान सहित विभागों से एक माह के अंदर पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार होगा
हम मुख्यमंत्री, साकेत बहुगुणा, सूर्यकांत धस्माना का आभार जताते हैं कि हमारी मांगों को समझा गया। सचिव वित्त भास्करानंद की भूमिका तकलीफदेह थी, पर अब हम फिर से शासन का याद दिलाना चाहते हैं कि 2800 ग्रेड पे को समाप्त करने की मांग महत्वपूर्ण है। इसका समय से निस्तारण नहीं होता तो राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद फिर से शासन को नोटिस देकर आंदोलन के लिए विवश होगा।
- प्रहलाद सिंह, अध्यक्ष राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद
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