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युवाओं को ठगने वाला फर्जी फर्जी लेफ्टिनेंट को एसटीएफ ने दबोचा

Sun, 10 Oct 2021 01:00 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 10 Oct 2021 01:00 AM IST
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STF caught the fake lieutenant
फर्जी लेफ्टिनेंट सचिन अवस्थी।
देहरादून। सेना में भर्ती कराने के नाम पर युवाओं को ठगने वाला सेना का फर्जी लेफ्टिनेंट एसटीएफ के हत्थे चढ़ गया है। आरोपी भर्ती के नाम पर युवाओं से दो लाख रुपये लेकर उन्हें फर्जी नियुक्ति पत्र थमा देता था। आरोपी के खातों में काफी रकम जमा है। आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा।
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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि मुखबिरों से सूचना मिली थी। बताया गया था कि कारगी क्षेत्र में रहने वाला एक युवक खुद को आर्मी का लेफ्टिनेंट बता कर युवाओं को नौकरी के नाम पर ठगता है। इस सूचना के बाद कारगी चौक स्थित एक मकान से आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने खुद का नाम सचिन अवस्थी निवासी आबूनगर, जीटी रोड फतेहपुर, उत्तर प्रदेश बताया।
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पूछताछ में सचिन ने बताया कि वह भर्ती के नाम पर बेरोजगारों से दो लाख रुपये लेता था। यह रुपये वह पीएनबी, एसबीआई आदि बैंकों के खातों में जमा कराता था। आरोपी के पास से लैपटॉप, दो मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकोें के एटीएम कार्ड, आधार कार्ड, आर्मी ऑफिसर के फर्जी पहचान पत्र, आर्मी में भर्ती के फर्जी नियुक्ति पत्र, सेना की वर्दी, बूट व फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। उसके दो खातों में साढ़े पांच लाख रुपये जमा हैं। बाकी के बारे में सोमवार को पता किया जाएगा। आरोपी के खिलाफ पटेलनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
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खुद को लेफ्टिनेंट बताकर ही की शादी
सचिन अवस्थी ने स्नातक की पढ़ाई की है। उसने कभी एनडीए, सीडीएस, ओटीए इनमें से किसी परीक्षा में बैठने की हिम्मत तक नहीं की। उसने बताया कि वह केवल तैयारी कर रहा था। इस बीच वर्ष 2018 के अंत में उसने घरवालों से बताया कि वह लेफ्टिनेंट बन गया है। इसके बाद उसका रिश्ता भी हो गया। ससुरालवालों को भी यह नहीं पता कि वह सेना में नहीं है। उसने 2019 में शादी भी रचा ली।

घर को ही बनाया हुआ था ऑफिस
आरोपी सचिन ने किराए के घर में ही ऑफिस बनाया हुआ था। यह आफिस हुबहू किसी सैन्य ऑफिसर का लगता है। जिस जगह वह बैठता है कुर्सी के पीछे दो तिरंगे लगे हैं। साथ ही पर्दे भी तिरंगे के रंग के लगाए हुए हैं। आरोपी ने मकान मालिक से बताया था कि वह प्राइवेट नौकरी करता है। वह रोज घर से निकलता था और शाम को वापस आ जाता था।
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