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लापरवाही करने पर कई अभियंताओं पर गिरी गाज

Sat, 20 Feb 2016 11:11 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 20 Feb 2016 11:11 AM IST
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stern action on careless engineers.

देहरादून में स्ट्रीट लाइटों के रख-रखाव का जिम्मा संभालने वाले एमडीडीए के दो अवर अभियंता लंबे समय से बिना काम के बैठे हैं।

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उन्होंने ना तो शहर में खराब स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत में दिलचस्पी दिखाई ना ही इस संबंध में विभागीय उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। कई बार तलब करने के बाद भी दोनों के काम में रुचि ना लेने पर एमडीडीए सचिव ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

एमडीडीए में अवर अभियंता शीशपाल चौहान और पीपी सेमवाल को विद्युत व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एमडीडीए को लंबे समय से शहर में स्ट्रीट लाइटों के खराब होने की शिकायत मिल रही थी।
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करीब डेढ़ माह पूर्व सचिव पीसी दुमका ने दोनों अभियंताओं को खराब स्ट्रीट लाइटों की सूची तैयार करने के निर्देश दिए थे। उन्होंने ऐसे सभी स्ट्रीट लाइट्स को चिन्हित कर उनकी मरम्मत के निर्देश दिए। लेकिन दोनों अभियंताओं ने सूची तैयार नहीं की।
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इस पर दोनों को करीब दो सप्ताह पूर्व रिमाइंडर भेजा गया। शुक्रवार को पीसी दुमका ने जब दोनों अवर अभियंताओं से जवाब-तलब किया तो उन्होंने सूची तैयार ना होने जानकारी दी। इस पर दुमका ने दोनों अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए। उन्होंने संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए।

दीवार ढहने के मामले में ईई समेत चार पर मुकदमा
उत्तरकाशी के जीआईसी बर्नीगाड में निर्माण निगम चंबा की ओर से घटिया गुणवत्ता से बनाई गई 27 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार के ढहने पर डीएम के आदेश पर पुलिस ने पेयजल निर्माण निगम के अधिशासी अभियंता समेत चार लोगों को खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

शिक्षा विभाग की ओर से जीआईसी बर्नीगाड के स्कूल भवन और 27 मीटर लंबी सुरक्षा दीवार बनाने का जिम्मा पेयजल निर्माण निगम चंबा को सौंपा गया। निगम ने ठेकेदार के माध्यम से भवन का निर्माण करवाने के साथ ही सुरक्षा दीवार भी बनाई थी। दीवार बनने के बाद 17 फरवरी को दीवार का करीब 18.50 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया।

इसकी शिकायत पर डीएम विनय शंकर पांडे ने एसडीएम बड़कोट को क्षतिग्रस्त दीवार के निरीक्षण के निर्देश दिए थे। एसडीएम ने निरीक्षण में घटिया गुणवत्ता की सामग्री का इस्तेमाल और दीवार के बीच अधिक मात्रा में मिट्टी भरान होना पाया।

जांच रिपोर्ट आने के बाद डीएम के आदेश पर शुक्रवार को एडीएम अशोक कुमार पांडे व सीईओ एलडी व्यास ने निगम के अधिशासीअभियंता एजेपी डोबरियाल, सहायक अभियंता एसके वर्मा, अपर सहायक अभियंता इरशाद हसन और मैसर्स एमएस कंस्ट्रक्शन कंपनी के खिलाफ राजकीय धन के दुरुपयोग और निर्माण कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का प्रयोग करने का मुकदमा दर्ज कराया है।


जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने कहा कि इस तरह की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्यदायी संस्था निर्माण निगम और ठेकेदार को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

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