स्पीड पकड़ेगा चार धाम रेल नेटवर्क प्रोजेक्ट का काम, ये काम हुआ शुरू
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ऋषिकेश-कर्णप्रयाग से चारधाम रेल नेटवर्क में बदली महत्वाकांक्षी रेल परियोजना का काम जल्द स्पीड पकड़ेगा। अब निजी भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया निपटाने के लिए सरकार ने जिला स्तर पर पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक की तैनाती कर दी है जबकि आयुक्त की तैनाती आदेश जल्द जारी होंगे।
पुनर्वास व विस्थापन से जुड़े मसलों को लेकर कलेक्टर की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन भी होगा जिसमें स्थानीय लोगों को भी प्रतिनिधित्व दिया जाएगा। ये समितियां रेल परियोजना के चलते पुनर्वासित होने वाले परिवारों के मुआवजे से लेकर उनके विस्थापन के मामलों का निस्तारण करेंगी।
बता दें कि परियोजना के लिए टिहरी, पौड़ी, रूद्रप्रयाग और चमोली जनपद के 39 गांवों में कुल 412.132 एकड़ निजी भूमि का अधिग्रहण होना है। परियोजना से करीब 1734 परिवार प्रभावित होंगे।
प्रशासकों की तैनाती
भूमि अर्जन अधिनियम 2013 की धारा 41 के तहत परियोजना के दायरे में आने वाले जनपदों में अपर जिला अधिकारी स्तर के अफसर को प्रशासक नियुक्त किया गया है। अधिनियम की धारा 44 के तहत पुनर्वासन व पुनर्व्यवस्थापन आयुक्त की व्यवस्था है। आयुक्त तैनात करने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है।
टिहरी और चमोली में समिति
परियोजना क्षेत्र में 100 एकड़ से अधिक भूमि अर्जन की स्थिति में कलेक्टर की अध्यक्षता में एक पुनर्वासन व पुनर्व्यवस्थापन समिति का गठन होगा। इस समिति में एसडीएम, संबंधित ब्लाक के बीडीओ व नायब तहसीलदार के अलावा प्रभावित क्षेत्र की महिला प्रतिनिधि, उस क्षेत्र के एससी व एसटी वर्ग से एक प्रतिनिधि, क्षेत्र में सक्रिय एनजीओ के प्रतिनिधि, राष्ट्रीयकृत बैंक का प्रतिनिधि, परियोजना का भूमि अर्जन अधिकारी, नगरपालिका व जिला योजना समिति के अध्यक्ष या उनके प्रतिनिधि, क्षेत्रीय सांसद व विधायक या उनके प्रतिनिधि बतौर सदस्य होंगे जबकि समिति का संयोजक पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्रशासक होंगे। टिहरी और चमोली जिले में 100 एकड़ से अधिक भूमि परियोजना क्षेत्र में आ रही है।