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विशेष बच्चों को एक ही छत के नीचे मिल रहा निशुल्क इलाज
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एनआईईपीवीडी में संचालित शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र में झूला झूलते विशेष बच्चे।
- फोटो : DEHRADUN
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विशेष बच्चों को राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान (एनआईईपीवीडी) में एक ही छत के नीचे समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं निशुल्क दी जा रही हैं। संस्थान में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार की ओर से शीघ्र हस्तक्षेप केंद्र का संचालन किया जा रहा है। वर्तमान में केंद्र में 10 विशेष बच्चों को स्वास्थ्य सुविधा दी जा रही है।
केंद्र की प्रभारी डॉ. विभूति गुप्ता ने कहा कि बच्चे देश की अनमोल धरोहर है। ऐसे में विकृति की जल्द पहचान और समय पर सही इलाज से दिव्यांगता को कम किया जा सकता है। विशेष बच्चे का सामान्य विकास करने के उद्देश्य से अभी केंद्र में छह साल तक के बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है। बच्चों के विकास में अवरोधक कौन सी वजह हैं इसका सही पता लगाने के लिए केंद्र में विशेषज्ञों की टीम हैं, जो बच्चे की जांच कर इलाज करती है। साथ ही बच्चों के इलाज में उनके परिजनों को सहभागी बनाने पर मुख्य रूप से बल दिया जाता है।
बताया कि सप्ताह में पांच दिन सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक केंद्र का संचालन किया जा रहा है। कोरोना काल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में 10 बच्चों को केंद्र में सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि, अन्य बच्चों के लिए ऑनलाइन सत्र का भी आयोजन किया जा रहा है।
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केंद्र की प्रभारी डॉ. विभूति गुप्ता ने कहा कि बच्चे देश की अनमोल धरोहर है। ऐसे में विकृति की जल्द पहचान और समय पर सही इलाज से दिव्यांगता को कम किया जा सकता है। विशेष बच्चे का सामान्य विकास करने के उद्देश्य से अभी केंद्र में छह साल तक के बच्चों को निशुल्क स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है। बच्चों के विकास में अवरोधक कौन सी वजह हैं इसका सही पता लगाने के लिए केंद्र में विशेषज्ञों की टीम हैं, जो बच्चे की जांच कर इलाज करती है। साथ ही बच्चों के इलाज में उनके परिजनों को सहभागी बनाने पर मुख्य रूप से बल दिया जाता है।
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बताया कि सप्ताह में पांच दिन सुबह साढ़े नौ बजे से शाम साढ़े पांच बजे तक केंद्र का संचालन किया जा रहा है। कोरोना काल में सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वर्तमान में 10 बच्चों को केंद्र में सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। जबकि, अन्य बच्चों के लिए ऑनलाइन सत्र का भी आयोजन किया जा रहा है।
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