देहरादून: सोनिया आनंद ने की प्रेसवार्ता, भाजपा सरकार पर साधा निशाना, कहा- मुझे ब्लैकमेल किया जा रहा
शिकायत के बाद चर्चा में आए इस प्रकरण के संबंध में सोनिया आनंद ने आज प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपी निराधार हैं।
विस्तार
पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत की करीबी मानी जाने वाली जसबीर कौर आनंद उर्फ सोनिया आनंद पर भवन खरीदने के नाम पर धोखाधड़ी करने और कब्जा करने का आरोप लगा है। दोनों हाथ गंवा चुके बुजुर्ग हरिओम सहगल ने शनिवार को एसएसपी देहरादून को शिकायती पत्र देकर मामले में कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के बाद चर्चा में आए इस प्रकरण के संबंध में सोनिया आनंद ने आज प्रेसवार्ता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि उन पर लगाए गए आरोपी निराधार हैं। वह उक्त संपत्ति के सौदे की पूरी रकम संबंधित व्यक्ति और उसकी पत्नी को दे चुकी हैं। उन्होंने कहा कि हरिओम सहगल अब उन्हें ब्लैकमेल कर रहा है।
उसकी कई लोगों की करीब सात लाख रुपये देनदारी बकाया थी वह राशि भी उन्होंने चुकता की थी। भुगतान संबंधी दस्तावेज उनके पास मौजूद हैं। पुलिस टीम ने उनसे अभी संपर्क नहीं किया लेकिन जांच में वह सहयोग करेंगी और सभी दस्तावेज पुलिस टीम के साथ साझा करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा। कहा कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है।
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ये है मामला
हरिओम सहगल के मुताबिक, उन्होंने 21 जून 2021 को खुड़बुड़ा मोहल्ला निवासी जसबीर कौर आनंद को दो विक्रय पत्रों के माध्यम से अपना भवन बेचा था। सौदे के तहत उन्हें एसबीआई और पंजाब नेशनल बैंक के कई चेक दिए गए थे। आरोप है कि रजिस्ट्री के दिन 25.20 लाख और 10 लाख रुपये के दो चेक उनसे वापस ले लिए गए। उन्हें कोई नकद भुगतान भी नहीं किया गया। बाद में भुगतान के लिए 31 लाख रुपये का एसबीआई चेक दिया गया, जिसे अगस्त 2021 में बैंक में लगाने के लिए कहा गया। 20 अगस्त 2021 को खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक में चेक बाउंस का मामला दर्ज कराया। वहां की अदालत में सुनवाई के दौरान विपक्षी के पेश नहीं होने पर उन्हें कानूनी प्रक्रिया के लिए परेशानी उठानी पड़ी। वर्ष 2024 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर मामला देहरादून स्थानांतरित कराया गया। इसके अलावा विक्रय पत्र निरस्त कराने के लिए भी दो वाद न्यायालय में लंबित हैं।
शिकायतकर्ता ने भवन को एमडीडीए की ओर से वर्ष 2018 में सील किए जाने के बावजूद सील तोड़कर इस्तेमाल किए जाने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने सवाल उठाया कि भवन की सील किसकी अनुमति से हटाई गई। एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने बताया कि प्रेमनगर थाना क्षेत्र में स्थित संपत्ति के सौदे में विवाद की शिकायत लेकर बुजुर्ग आए थे। इस मामले की जांच एसपी सिटी को सौंपी गई है।