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Uttarakhand: केंद्र सरकार ने बदले नियम...अब छत पर 10 किलोवाट के सोलर प्रोजेक्ट में तकनीकी रिपोर्ट नहीं

Wed, 28 Aug 2024 11:37 AM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 28 Aug 2024 11:37 AM IST
सार

सोलर प्लांट लगाकर उपभोक्ता अपने बिजली बिल की धनराशि को कम कर सकते हैं। उपभोक्ता बढ़े हुए लोड के लिए लोड वृद्धि और सुरक्षा जमा के लिए शुल्क का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

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Solar Energy No technical report in 10 kW rooftop solar project Central government changed rules Uttarakhand
सौर ऊर्जा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रदेश में 10 किलोवाट क्षमता तक के सौर ऊर्जा प्रोजेक्ट घर की छत पर लगाने वालों को अब तकनीकी व्यवहार्यता रिपोर्ट (टीएफआर) जैसी औपचारिकताओं की जरूरत नहीं होगी। केंद्र सरकार ने इसके नियम बदल दिए हैं, जो उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने भी लागू कर दिए हैं।

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इससे उपभोक्ताओं को बिजली बचत में आसानी होगी। यूपीसीएल के निदेशक परिचालन एमआर आर्य ने बताया, बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) संशोधन नियम, 2024 में प्रावधान है कि 10 किलोवाट क्षमता तक की छत पर सौर फोटो वोल्टाइक प्रोजेक्ट के लिए आवेदन, सभी प्रकार से पूर्ण, तकनीकी व्यवहार्यता अध्ययन और स्वीकृत भार के किसी भी अनुरूप वृद्धि की आवश्यकता के बिना स्वीकार किए गए माने जाएंगे।

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उपभोक्ता के लिए, जैसा आवश्यक हो, यूपीसीएल की ओर से किया जाएगा। नियामक आयोग के नियमों के हिसाब से टीएफआर की आवश्यकता खत्म की गई है। शर्त ये है कि नियामक आयोग के नियमों के अनुसार, उपभोक्ता बढ़े हुए लोड के लिए लोड वृद्धि और सुरक्षा जमा के लिए शुल्क का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी होगा।

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लोड बढ़ाने के लिए आवेदन की कोई विशिष्ट आवश्यकता नहीं होगी
कहा, अगर कोई उपभोक्ता ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूपटॉप पीवी प्लांट के लिए आवेदन करता है, तो ऐसे उपभोक्ताओं से लोड बढ़ाने के लिए आवेदन की कोई विशिष्ट आवश्यकता नहीं होगी। यदि स्वीकृत कनेक्टेड लोड उस संयंत्र की क्षमता से कम है, जिसे उपभोक्ता स्थापित करना चाहता है, तो स्वीकृत कनेक्टेड लोड को उस सीमा तक बढ़ाया हुआ माना जाएगा। कहा, लोड बढ़ोतरी और सिक्योरिटी शुल्क का भुगतान नियामक आयोग के समय-समय पर आने वाले नियमों के हिसाब से करना होगा।

फायदे का सौदा है ग्रिड कनेक्टेड सोलर रूफटॉप

ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर फेज-2 के तहत घर पर सोलर रूफटॉप लगाना अब आसान है। योजना में अनुदान मिल रहा। घरेलू श्रेणी के उपभोक्ता को सोलर प्लांट लगाने पर प्रथम तीन किलोवाट पर 40 प्रतिशत और चार से 10 किलोवाट पर 20 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है।

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सोलर प्लांट की लागत वसूली पांच वर्ष तक

उपभोक्ता की ओर से दी जाने वाली सोलर प्लांट की लागत की वसूली लगभग पांच वर्ष में की जा सकती है। सोलर प्लांट के पांच वर्ष तक का रखरखाव लागत में ही निहित है। सोलर प्लांट लगाकर उपभोक्ता अपने बिजली बिल की धनराशि को कम कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए निकटतम बिजली कार्यालय या टोल फ्री नंबर 1912 पर संपर्क कर सकते हैं।

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