बेटी की शादी के लिए पैसे नहीं थे तो सोशल मीडिया ने ऐसे की मदद
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पाटी विकासखंड के साल ग्राम पंचायत के बासुदेव बोहरा की बेटी बीना के जीवन में सोशल मीडिया ने एक बेहद खास रोल निभाया।
सोशल मीडिया पर सक्रिय एक संगठन की कोशिश का नतीजा रहा कि बीना का विवाह बिना किसी आर्थिक परेशानी के संपन्न हो गया।
साल गांव के बासुदेव बोहरा की पांच बेटियां हैं। इसमें सबसे बड़ी बेटी बीना है। बीना के पिता वासुदेव पिछले कई सालों से मानसिक रोग से पीड़ित हैं।
विवाह के लिए आ रही थी आर्थिक अड़चन
उनकी पत्नी सुलोचना देवी जूनियर हाईस्कूल साल में भोजन माता का कार्य कर अपने परिवार का भरण पोषण करती आ रही है। ऐसे में इस परिवार के पास बेटी के विवाह के लिए आर्थिक अड़चन आड़े आ रही थी।
इसकी जानकारी सोशल मीडिया में सक्रिय लधियाघाटी संगठन के ग्रुप एडमिन नवीन भंडारी को मिली। उन्होंने सोशल मीडिया में गरीब बेटी के विवाह के लिए लोगों से सहयोग की अपील की।
उनके प्रयासों से बीना की शादी के लिए लधियाघाटी संगठन 80 हजार रुपये से अधिक की धनराशि और राशन जुटाने में सफल रहा। शनिवार को बीना का विवाह अल्मोड़ा जिले के झड़गांव के प्रताप सिंह पुत्र नर सिंह के साथ संपन्न हो गया है।