देहरादून जू में खुला प्रदेश का पहला स्नेक पार्क, अब करें किंग कोबरा और अजगर का दीदार
- राज्य के पहले स्नेक पार्क और कैक्टस पार्क का वन मंत्री ने किया उद्घाटन
- राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बना रहा दून चिड़ियाघर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
दून चिड़ियाघर में आने वाले पर्यटकों को अब किंग कोबरा, वर्मीज अजगर, रसेल, भारतीय नाग, कामन सेंडबोआ, रेटीकुलेट पायथन, राक पायथन, वॉल पायथन, वाइन पायथन, धामण समेत 10 प्रजातियों के सांप देखने का मौका मिलेगा।
इसके अलावा पर्यटक इन सांपों के साथ अमेरिका समेत कई देशों में पाई जाने वाली इगुआना प्रजाति की छिपकली को भी देख सकेंगे। वन मंत्री डॉॅ. हरक सिंह रावत ने बृहस्पतिवार को दून चिड़ियाघर में स्नेक पार्क का उद्घाटन किया।
अपने संबोधन में वन मंत्री डॉ. रावत ने कहा कि दून चिड़ियाघर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी नई पहचान बना रहा है। वन मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि आने वाले दिनों में दून चिड़ियाघर में पर्यटकों के लिए और अधिक सुविधाएं विकसित की जाएगी।
इसके लिए तमाम कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने कहा कि स्नेक पार्क देश के चुनिंदा स्नेक पार्कों में से एक है। यह राज्य का पहला स्नेक पार्क है।
पार्क निदेशक पीके पात्रों ने बताया कि स्नेक पार्क में कुछ स्थानीय सांपों के अलावा दूसरे राज्योंा में पाए जाने वाले सांपों को रखा गया है। उद्घाटन कार्यक्रम में वन मंत्री के अलावा मेयर सुनील उनियाल गामा, मसूरी विधायक गणेश जोशी, मुख्य वन संरक्षक जीएस पांडे, प्रभागीय वनाधिकारी राजीव धीमान समेत तमाम अधिकारी, कर्मचारी व पर्यटक उपस्थित थे।
कैैक्टस पार्क का भी किया उद्घाटन
कार्यक्रम के दौरान वन मंत्री डॉ. रावत ने स्नेक पार्क के साथ ही कैैक्टस पार्क का भी उद्घाटन किया। उन्होंने कैक्टस पार्क में लगाए गए कैैक्टस की तमाम प्रजातियों के बारे में भी विस्तार से जानकारी ली। कैक्टस पार्क में देश के साथ ही विदेशों में पाए जाने वाले कैैक्टस लगाए गए हैं।
चेन्नई व बंगलूरू स्नेक पार्क से लाए गए सांप
निदेशक पीके पात्रों ने बताया कि स्नेक पार्क में रखे गए सांपों की कई प्रजातियों को चेन्नई व बंगलूरू स्नेक पार्क से लाया गया। विशेषज्ञों की देखरेख में इन सांपों को चेन्नई व बंगलूरू से लाया गया।
अमेरिका से लायी गई इगुआना प्रजाति की छिपकली
स्नेक पार्क में पर्यटक 11 प्रजाति के सांपों के साथ ही अमेरिकी देशों में पायी जाने वाली इगुआना प्रजाति की छिपकली को भी पर्यटकों के लिए रखा गया है।
कानपुर के सपेरे ने दिया कर्मचारियों को प्रशिक्षण
स्नेक पार्क में सांपों को बेहतर तरीके से रखा जा सके, इसके लिए कानपुर के एक सपेरे को बुलाया गया। जिसमें कर्मचारियों को विधिवत दो माह तक प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का ही असर है कि पार्क के कर्मचारी खतरनाक जहरीले कोबरा सांप के साथ ही अन्य सांपाें की देखभाल बेखौफ होकर कर रहे हैं।