अब स्किन और साइकेट्री के मरीज भी होंगे भर्ती
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राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल (संयुक्त दून अस्पताल व दून महिला अस्पताल) में अब स्किन, साइकेट्री और श्वास रोग के मरीज भी भर्ती होंगे। मेडिकल कॉलेज के अधीन आने के बाद अस्पताल की व्यवस्था में यह बदलाव किया गया है। इसके अलावा अस्पताल में डॉक्टरों को अलग-अलग यूनिट में बांटा जाएगा। ओपीडी में अलग-अलग दिन अलग-अलग यूनिट के डॉक्टर मौजूद रहेंगे।
दून अस्पताल और दून महिला अस्पताल की व्यवस्थाओं में बदलाव होने जा रहा है। दून अस्पताल के गैस्ट्रो सर्जन डॉ. विपुल कंडवाल, एनेस्थेटिस्ट डॉ. दीपीका तिवारी, पैथोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक बौंठियाल, चेस्ट फिजिशियन डा. रामेश्वर पांडे अब चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधीन मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देंगे।
पीएमएस डॉ. आरएस असवाल ने बताया कि कुल डॉक्टरों को अलग-अलग यूनिट में बांटा जा रहा है। प्रत्येक दिन अलग-अलग यूनिट का अलग-अलग काम होगा। ओपीडी, सर्जरी, क्लास व अन्य सेवाओं में डॉक्टर रोटेट होते रहेंगे। इसके बाद दून अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग के अधीन अब 59 से घटकर 55 डॉक्टर ही रह गए हैं।
ये होगी डॉक्टरों की नई व्यवस्था
विभाग ------ डॉक्टरों की संख्या
ईएनटी ------ 05
मनोरोग ------- 03
नेत्र ------ 02
मेडिसिन ------ 09
सर्जरी ------ 07
ऑर्थो ------ 03
श्वास ------ 02
गायनी ------ 04
बाल रोग ------ 03
पैथोलॉजी ------ 03
माइक्रोबायलॉजी ------ 01
(दून व दून महिला अस्पताल के डॉक्टर भी शामिल)
ऐसे होगा बेड का बंटवारा
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गायनी के कुल 40 बेड होंगे। इसमें से डिलिवरी के केवल 25 ही बेड होंगे। अन्य स्त्री रोग के 15 बेड होंगे। वहीं सामान्य मेडिसिन के कुल 72 बेड (36 महिला व 36 पुरूष) होंगे।
विभाग --- बेड --- यूनिट
सर्जरी --- 90 --- 03
मेडिसिन -- 72 -- 03
ऑर्थो ----- 30 -- 02
प्रसूति ---- 25 -- 01
स्त्री रोग -- 15 --- 01
ईएनटी --- 10 --- 01
नेत्र ------- 10 --- 01
मनोरोग -- 08 --- 01
त्वचा ---- 08 --- 01
श्वास ---- 08 --- 01
बाल रोग -- 24 -- 02
डॉ. आर्य और डॉ. गुप्ता लौटे
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में वरिष्ठ त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल आर्य और वरिष्ठ ऑर्थो सर्जन डॉ. एसके गुप्ता की वापसी हुई है। कुछ समय पूर्व डॉ. आर्य का तबादला रानीखेत और डॉ. गुप्ता का तबादला उत्तरकाशी किया गया था। इसके बाद दून अस्पताल प्रबंधन ने दोनों डॉक्टरों को रिलीव कर दिया था। अब शासन ने उनका तबादला निरस्त दिया है।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल की व्यवस्थाओं में बदलाव किया जा रहा है। धीरे-धीरे यह बदलाव दिखने लगेंगे। यह मूल अस्पताल ना होकर केवल टीचिंग हॉस्पिटल रहेगा। मेडिकल कॉलेज टीचिंग अस्पताल में ऐसी ही व्यवस्था होती है।
-डॉ. केके टम्टा, एमएस, दून मेडिकल कॉलेज