हरक की मुश्किलें बढ़ीं, एसआईटी ने शुरू की जांच
- शंकरपुर भूमि प्रकरण में एसआईटी ने शुरू किया था परीक्षण
- राष्ट्रपति शासन में पूर्व मंत्री हरक सिंह के खिलाफ आई थी शिकायत
- एसआई ने विकासनगर में पत्रावलियां जांचने एक अधिकारी को भी भेजा
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कांग्रेस से बागी होकर भाजपा में शामिल पूर्व मंत्री हरक सिंह की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। हरक के खिलाफ भूमि संबंधित आई एक शिकायत की प्रारंभिक जांच एसआईटी ने शुरू कर दी है। राष्ट्रपति शासन में शंकरपुर जमीन में फर्जीवाड़े को लेकर हरक सिंह के खिलाफ आई शिकायत को जांचने का जिम्मा सरकार ने एसआईटी (भूमि) को दिया है।
एसआईटी प्रभारी संजय गुंज्याल के अनुसार अभी शिकायत का परीक्षण हो रहा है। बुधवार को एसआईटी का एक अधिकारी विकासनगर भी भूमि से संबंधित पत्रावलियां जांचने के लिए गया था।
सीएम हरीश रावत पहले ही स्पष्ट कर चुके है कि बेनामी संपत्तियों की जांच कराने में कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी। हरक की घेराबंदी के लिए एसआईटी तानाबाना बुन रही है। मामला सहसपुर के शंकरपुर की एक जमीन का है। रावत सरकार को हटाकर लगे राष्ट्रपति शासन के बीच 18 अप्रैल को जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं पूर्व दर्जाधारी राज्यमंत्री रघुनाथ सिंह नेगी ने शंकरपुर जमीन फर्जीवाड़े में पूर्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत पर गंभीर आरोप लगाए थे।
हरक पर है महिला की जमीन कब्जाने का आरोप
बताया गया था कि वर्ष 2002 में तत्कालीन राजस्व मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत ने पद का दुरुपयोग कर शंकरपुर (सहसपुर) में सुशीला रानी नाम की महिला की लगभग 107 बीघा भूमि फर्जी पावर आफ अटार्नी के जरिए अपने नाम करवा ली थी।
शिकायत में आरोप है कि हरक ने फर्जी पावर ऑफ अटार्नी बनाकर अपने रिश्तेदारों के नाम करा दी। एसआईटी भूमि ने शिकायत को लेकर अपनी पड़ताल शुरू कर दी है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि निशाना हरक सिंह ही है, लेकिन सीधे तौर के बजाए रणनीति के तहत उन्हें घेरने की है।
आईजी का है कहना
शंकरपुर जमीन फर्जीवाड़े को लेकर आई शिकायत की अभी जांच नहीं चल रही। फिलहाल शिकायत का परीक्षण कराया जा रहा है, उसमें कितनी सच्चाई है। यदि इस तरह के साक्ष्य मिलते है तो अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
-संजय गुंज्याल, आईजी और प्रभारी एसआईटी (भूमि)
सहसपुर भूमि मामले की एसआईटी जांच पूरी तरह राजनीति से प्रेरित है। एसआईटी प्रभारी का इस संबंध में फोन मुझे आया था। इसकी जांच पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक के समय भी हो चुकी है। भूमि से संबंधित तमाम दस्तावेज हमारे पक्ष में हैं। पुलिस अपनी फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है। हाईकोर्ट तक से वाद हमारे पक्ष में रहा। यह बदले की भावना से सीएम हरीश रावत कार्रवाई कर रहे हैं।
-हरक सिंह रावत, पूर्व मंत्री