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एसआईटी ने शुरू की जांच तो स्कूल छोड़ भागे फर्जी शिक्षक

Fri, 15 Sep 2017 09:59 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार
ब्यूरो / अमर उजाला, हरिद्वार Updated Fri, 15 Sep 2017 09:59 AM IST
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sit investigation on fraud teachers
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के मामले में लगातार नए खुलासे - फोटो : demo pic

उत्तराखंड में शिक्षकों के फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी प्राप्त करने के मामले में लगातार नए-नए खुलासे हो रहे हैं। अब फिर से एसआईटी की निशानदेही पर 50 शिक्षकों के फर्जी प्रमाण-पत्र होने की शिकायत पर शिक्षा विभाग ने जांच बैठा दी है। सूची में नाम आने पर ऐसे शिक्षक स्कूल छोड़कर भाग गए हैं।

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शिकायतों पर एसआईटी ने 50 ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार कर शिक्षा विभाग को भेज दी, जिनके दस्तावेज फर्जी हैं। सूची के अनुसार किसी शिक्षक की बीएड की डिग्री फर्जी है तो किसी के शैक्षिक दस्तावेज और नियुक्ति पत्र फर्जी हैं। कई शिक्षकों के जाति और निवास प्रमाणपत्र भी फर्जी हैं।
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एसआईटी की निशानदेही पर शिक्षा विभाग ने जांच बैठाते हुए खंड शिक्षा अधिकारियों को ऐसे शिक्षकों के नाम भेजकर उनके दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच कराने को निर्देश दिए हैं। शिक्षकों के नाम सामने आने पर उन्होंने स्कूल आना ही छोड़ दिया है। अधिकांश शिक्षक सन 2000 से पहले के हैं। अधिकारियों ने कहा कि फर्जी प्रमाणपत्रों पर नौकरी करने वाले शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।  
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हरिद्वार में शिक्षक फर्जीवाड़ा  
जनपद हरिद्वार में प्राथमिक शिक्षकों का बड़ा फर्जीवाड़ा पकड़ में आता रहा है। बीटीसी की मार्कशीट और मूल निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाने पर अप्रैल में 12 शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया गया है। बार-बार मांगने पर भी अपने सर्टिफिकेट नहीं देने वाले आठ शिक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। जबकि एक शिक्षक का वीआरएस निरस्त किया गया है। कार्रवाई की जद में आए सभी शिक्षक वर्ष 1992 से 2002 के बीच भर्ती हुए थे।  

अफसरों ने नहीं ली दिलचस्पी       
जिले में शिक्षकों के फर्जीवाड़े का खुलासा कर बर्खास्त व निलंबन की कार्रवाई करने वाले तत्कालीन डीईओ बेसिक रामेंद्र कुशवाहा का तबादला कराने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया गया। तबादला होने के बाद प्रभारी डीईओ बेसिक रहे दिनेश चंद्र डिमरी और महीने भर पहले चार्ज संभालने वाले डीईओ बेसिक जगमोहन सोनी ने इस प्रकरण में दिलचस्पी नहीं ली। दिनेश चंद्र डिमरी ने एक- दो बार एसएसपी से बात भी की, पर पुलिस ने भी दागियों पर नजरें इनायत रखी।  अब फिर से एसआईटी की नई सूची आने की जांच स्वयं जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक ब्रह्मपाल सैनी कर रहे हैं।    


एसआइटी की शिकायत पर सूची खंड शिक्षा अधिकारियों को भेज दी गई है। ब्लाक बहादराबाद में सबसे अधिक शिक्षक हैं। सूची के अनुसार आरोपी शिक्षकों की बीएड डिग्री, निवास, जाति के साथ नियुक्ति पत्र तक फर्जी होने का मामला सामने आ रहा है। इन शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की असलियत सामने आते ही मुकदमा दर्ज कराकर रिकवरी की जाएगी।  
- ब्रह्मपाल सैनी, जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक

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