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सबसे पुरानी सभ्यता ने झेली हैं 22 प्रचंड बाढ़
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 02 Nov 2015 03:49 PM IST
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विश्व की सबसे पुरानी सभ्यता वाली सिंधु घाटी ने एक हजार साल में 22 प्रचंड बाढ़ों का झटका झेला है।
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18 से 20 हजार साल पहले यहां बाढ़ों का सिलसिला शुरू हुआ था। शोध कार्य करने वाले विज्ञानियों के लिए चौंकाने वाली बात यह रही कि जब भी सिंधु नदी उफनाई यहां घाटी में हरियाली और खेती बढ़ गई। जिस वजह से लोगों का आना-जाना भी बढ़ गया। ऐसी ही बाढ़ों के बाद लद्दाख क्षेत्र में काबिज होने के लिए सभ्यताओं में युद्ध भी होता रहा है।
कश्मीर में वर्ष 2013 में बाढ़ आने के बाद वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ.प्रदीप श्रीवास्तव की अगुवाई में विज्ञानियों ने सिंधु घाटी की मिट्टी में दबे ऐतिहासिक साक्ष्यों को उकेरना शुरू किया। यहां चारकोल के कणों की जब जांच की गई तो यह अंदाजा लगा कि बाढ़ के दौरान ठंड से बचने के लिए लोग घरों में आग जलाते रहे।
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चारकोल कणों की कार्बन डेटिंग से यह पुष्टि हुई कि ये घटनाएं 18 से 20 हजार साल पहले घटित हुई थीं। इसके साथ ही विज्ञानियों ने वाडिया संस्थान में ही क्वार्ट्ज पत्थरों के बारीक टुकड़ों की ल्यूमिनेशन डेटिंग भी की। इससे घाटी का ‘फ्लड रिकार्ड’ मिल गया।
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विज्ञानियों का कहना है कि इसी दौरान गंगा, यमुना और ब्रह्मपुत्र आदि नदियों में बाढ़ आई थी। विज्ञानियों को सिंधु घाटी में पाषाण युग के रॉक आर्टस के साक्ष्य मिले हैं, जो 10 हजार साल पहले के माने जा रहे हैं।
सिंधु घाटी में एक हजार साल में 22 मेगा फ्लड का रिकार्ड मिला है। सिंधु नदी में बाढ़ के बाद खेती बढ़ जाती थी। नदी के मुहाने पर बसने वालों को ही नुकसान होता रहा है। यह क्षेत्र ड्राई रहा है, जब भी यहां का मौसम गरमाया सभ्यता को फायदा हुआ।
- प्रदीप श्रीवास्तव, वरिष्ठ विज्ञानी, वाडिया हिमालय भू विज्ञान संस्थान