फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   shubh yog on mahashivratri 2017

महाशिवरात्रि पर बन रहा खास संयोग, ऐसे करेंगे पूजा तो होगा शुभ

Wed, 22 Feb 2017 05:37 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की
ब्यूरो / अमर उजाला, रुड़की Updated Wed, 22 Feb 2017 05:37 PM IST
विज्ञापन
shubh yog on mahashivratri 2017
shivling - फोटो : getty images

दो दिन पड़ने वाले महाशिवरात्रि का पर्व इस बार स्वार्थ सिद्ध एवं सिद्ध योग पड़ने से खास होगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार चतुर्दशी तिथि 24 फरवरी की रात्रि साढ़े नौ बजे प्रारंभ होगी।

विज्ञापन


जो 25 फरवरी को रात्रि सवा नौ बजे तक रहेगी। महाशिवरात्रि का पर्व रात्रि व्यापिनी होने पर विशेष माना जाता है। ऐसे में चूंकि 25 फरवरी की रात्रि में चतुर्दशी तिथि न होने से 24 फरवरी को महाशिव रात्रि का पर्व शास्त्र सम्मत रहेगा।
विज्ञापन


ज्योतिषाचार्य पंडित राकेश शुक्ला ने बताया कि महाशिवरात्रि को अर्द्ध रात्रि के समय ब्रह्माजी के अंश से शिवलिंग का प्राकट्य हुआ था। इसलिए रात्रि व्यापिनी चतुर्दशी का अधिक महत्व होता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों दिन पड़ रहे हैं सिद्ध योग पड़ रहे

shubh yog on mahashivratri 2017
श‌िवल‌िंग

इस वर्ष सबसे खास बात यह है कि दोनों दिन सिद्ध योग पड़ रहे हैं। 24 फरवरी को स्वार्थ सिद्ध योग तथा 25 फरवरी को सिद्ध योग पड़ रहा है।

24 फरवरी को चतुर्दशी तिथि प्रारंभ होने के साथ ही भद्रा भी लग जाएगी लेकिन भद्रा पाताल लोक में होने के कारण महाभिषेक में कोई बाधा नहीं होगी बल्कि यह अत्यंत शुभ रहेगा। महाशिवरात्रि का व्रत कर रात्रि में ओम नम: शिवाय का जाप करने से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होगी।

पौराणिक मान्यता के अनुसार जो व्यक्ति वर्ष भर कोई व्रत उपवास नहीं रखता है और वह मात्र महाशिवरात्रि का व्रत रखता है तो उसे पूरे वर्ष के व्रतों का पुण्य प्राप्त हो जाता है। इससे पूर्व 30 वर्ष पहले महाशिवरात्रि दो दिन मनाई गई थी। शिवरात्रि पर चार प्रहर की पूजा अत्यंत फलदायी होती है। शिव रात्रि पर चार प्रहर की पूजा से सभी प्रकार की कामनाएं पूर्ण होती है। 

कांवड़ के जल से भगवान होते हैं अधिक प्रसन्न 

shubh yog on mahashivratri 2017
श‌िवल‌िंग

कांवड़ का जल भगवान शिव को अधिक प्रिय है। शास्त्रों के अनुसार कंधे पर कांवड़ रखकर बम बम का नारा लगाते हुए जो व्यक्ति भगवान शिव का अभिषेक करता है उसे हर कदम पर अश्वमेध यज्ञ के बराबर पुण्य प्राप्त होता है।

इन पदार्थों से करें भगवान का महाभिषेक 
भगवान को गाय के दूध से अभिषेक करने पर पुत्र प्राप्ति की मनोकामना पूर्ण होती है। जबकि गन्ने के रस से लक्ष्मी प्राप्ति, दही से पशु आदि की प्राप्ति, घी से असाध्य रोगों से मुक्ति, शर्करा मिश्रित जल से विद्या बुद्धि, कुश मिश्रित जल से रोगों की शांति, शहद से धन प्राप्ति, सरसों के तेल से महाभिषेक करने से शत्रु का शमन होता है।

इस दिन व्रतादि रखकर शिवलिंग पर बेलपत्री, काला धतूरा चढ़ाने से मां लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है। साथ ही भगवान शिव के सम्मुख कुबेर मंत्र के जाप से भी धन एवं ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed