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Janmashtami 2024: कान्हा के आगमन का इंतजार.....इस बार बन रहा सवार्थ सिद्धि योग, पूजन का कई गुना अधिक मिलेगा फल

Mon, 26 Aug 2024 10:38 AM IST
रेनू सकलानी विनोद चमोली, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा (टिहरी)।
विनोद चमोली, संवाद न्यूज एजेंसी, चंबा (टिहरी)। Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 26 Aug 2024 10:38 AM IST
सार

भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद की कृष्णपक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि में हुआ था। कान्हा के स्वागत में घरों और मंदिरों को भव्य रूप से सजाया गया है।

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Shri Krishna Janmashtami 2024 today in this time Sarvartha Siddhi Yoga is being formed read All Updates
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व काफी खास होने जा रहा है, क्योंकि इस दिन कुछ वैसे ही दुर्लभ योग बन रहा है जैसा 5251 वर्ष पूर्व यानी द्वापर युग में बना था। इस दिन सवार्थ सिद्धि, रोहिणी नक्षत्र के साथ सूर्य सिंह में, चंद्रमा वृषभ राशि में रहेगा। ऐसा दुर्लभ योग बनना काफी शुभ माना जा रहा है।

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इस योग में पूजा करने से कई गुना अधिक फल मिलेगा। भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण का जन्म भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की मध्यरात्रि व्यापनी अष्टमी तिथि, बुधवार और रोहिणी नक्षत्र में हुआ था। जोतिषाचार्य पंडित अमित कोठारी ने बताया कि इस साल श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर 26 अगस्त को सवार्थ सिद्धि योग बन रहा है और रोहिणी नक्षत्र होने से एक विशेष योग बन रहा है।
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तिथि के अनुसार भगवान कृष्ण का जन्म भाद्रपद की कृष्णपक्ष की अष्टमी को मध्यरात्रि में हुआ था। इसलिए घरों और मंदिरों में मध्यरात्रि 12 बजे कृष्ण भगवान का जन्म उत्सव मनाते हैं।
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रात में जन्म के बाद दूध से लड्डू गोपाल की मूर्ति को स्नानादि कराने के बाद नए कपड़े और गहने पहनाकर शृंगार किया जाता है। फिर पालने में रखकर पूजा आदि के बाद चरणामृत, पंजीरी, ताजे फल और पंचमेवा आदि का भोग लगाकर प्रसाद के तौर पर बांटते हैं। 
 

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