शांतिकुंज दुष्कर्म प्रकरण: लॉकडाउन में बयान दर्ज करने के लिए दिल्ली में फंसी पीड़िता को हरिद्वार लाना बना चुनौती
- लग सकता है लॉकडाउन का अड़ंगा, डॉ. प्रणव पंड्या के खिलाफ युवती ने दर्ज कराया है केस
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हरिद्वार में शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या से जुड़े दुष्कर्म मामले की जांच में लॉकडाउन का पेच फंस सकता है। इस समय दिल्ली में फंसी छत्तीसगढ़ की पीड़िता यहां कैसे पहुंच सकेगी, यह बड़ा सवाल है। पीड़िता के यहां पहुंचे बिना केस की तफ्तीश होना संभव नहीं है।
ऐसे में दुष्कर्म मामले की जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। छत्तीसगढ़ की युवती ने दुष्कर्म और धमकी देने के आरोप में शांतिकुंज प्रमुख डॉ. प्रणव पंड्या और उनकी पत्नी शैलबाला उर्फ शैल जीजी के खिलाफ दिल्ली में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी।
एफआईआर हरिद्वार कोतवाली पहुंची तो एसएसपी ने महिला हेल्प लाइन प्रभारी मीना आर्या को जांच सौंपी। उन्हें केस से जुड़े दस्तावेज भी दे दिए गए हैं। चूंकि, मामला दुष्कर्म के आरोपों का है, इसलिए जांच की शुरुआत ही पीड़िता के बयान से होनी है, लेकिन पीड़िता फिलहाल दिल्ली में अपने एक परिचित के घर रह रही है।
अब लॉकडाउन के बीच पीड़िता हरिद्वार कैसे पहुंचे? यह पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है। पीड़िता जब तक यहां नहीं पहुंचेगी, तफ्तीश एक कदम भी आगे नहीं बढ़ सकती है। दिक्कत यह भी है कि पीड़िता अगर यहां आ भी जाए तो वह रेड जोन होने के नाते उसे पहले क्वारंटीन कराया जाएगा।
कोर्ट भी बंद है, उसके बयान कैसे होंगे? इसके लिए वीडियो कांफ्रेंसिंग की मदद लेनी पड़ी तो कैसे ली जाएगी? ऐसे कई सवाल पुलिस के सामने हैं। नगर पुलिस अधीक्षक कमलेश उपाध्याय ने बताया कि पीड़िता की शिकायत और दिल्ली पुलिस के भेजे गए दस्तावेजों का अध्ययन कर लिया गया है। जल्द अग्रिम कार्रवाई के निर्देश दिए जाएंगे।