Dehradun: ट्रैफिक जाम से मुक्ति को हर क्षेत्र की बनेगी अलग कार्ययोजना, नियम तोड़ने वालों पर ड्रोन से रहेगी नजर
मुख्य सचिव ने कहा कि एक समान योजना कहीं कारगर साबित नहीं होगी, किसी भी योजना के लिए एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाए। यातायात व्यवस्था के लिए भी यही आवश्यक है कि एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाए। यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
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राजधानी में ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए क्षेत्र विशेष कार्ययोजनाएं (एरिया स्पेसिफिक प्लान) तैयार की जाएंगी। मुख्य सचिव डॉ. एसएस संधू ने यातायात संकुलन को कम करने को लेकर यूनिफाइड मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (यूएमटीए) की बैठक में ये निर्देश दिए। यह भी तय किया गया कि यूटीएमए की पाक्षिक बैठक आयोजित की जाएगी।
मुख्य सचिव ने कहा कि यातायात संकुलन (ट्रैफिक कंजेशन) कम करने के लिए आमजन का पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर विश्वास जगाने के साथ ही यातायात नियमों का पालन कराया जाना भी आवश्यक है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की फ्रीक्वेंसी बढ़ाने के साथ ही नियमितता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि एक समान योजना कहीं कारगर साबित नहीं होगी, किसी भी योजना के लिए एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाए। यातायात व्यवस्था के लिए भी यही आवश्यक है कि एरिया स्पेसिफिक प्लान तैयार किया जाए। यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु अधिक से अधिक तकनीक का इस्तेमाल किया जाए।
ड्रोन कैमरों का होगा अधिक से अधिक प्रयोग
मुख्य सचिव ने कहा कि ट्रेफिक जाम का एक मुख्य कारण यातायात के नियमों का पालन न करना भी है। यातायात संकुलन को रोकने के लिए नियमों का अनुपालन सुनिश्चित कराया जाए। नो पार्किंग एरिया में गाड़ी पार्क करने वालों पर अधिक से अधिक चालान किए जाएं। इसके लिए ड्रोन कैमरों का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाए।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, सचिव अरविन्द सिंह ह्यांकी, उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशन के एमडी जितेंद्र त्यागी, निदेशक यातायात मुख्तार मोहसिन, डीएम सोनिका, एसएसपी दिलीप सिंह कुंवर, मुख्य नगर अधिकारी मनुज गोयल, एसपी ट्रैफिक अक्षय प्रह्लाद कोण्डे सहित तमाम अधिकारी मौजूद रहे।
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बच्चों को सीख देने के लिए ड्राइविंग ट्रेनिंग मॉड्यूल
मुख्य सचिव डॉ. संधू ने आमजन में यातायात संकुलन को कम करने के लिए शिक्षित किए जाने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि बच्चों को ऑनलाइन ड्राइविंग ट्रेनिंग के लिए मॉड्यूल तैयार किया जाए। उन्होंने लोगों के व्यवहार में सुधार लाने के लिए लघु फिल्मों के माध्यम से प्रचार-प्रसार के साथ ही आने वाली पीढ़ी को यातायात नियमों के विषय में अधिक से अधिक शिक्षित किए जाने की दिशा में कार्य किया जाने हेतु प्रयास किए जाने की बात कही।