पहाड़ और नदी किनारे सेल्फी खींचने पर प्रतिबंध, पकड़े गए तो होगा एक्शन
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नदियों के किनारे और पहाड़ों पर डेंजर जोन और इसके आसपास सेल्फी पर प्रतिबंध लगा दिया है। इन क्षेत्रों में सेल्फी लेने के चक्कर में लोग जान गंवा बैठते हैं। यात्रा सीजन के दौरान पर्यटन स्थलों और नदी किनारे सेल्फी लेने के दौरान कोई अनहोनी न हो।
इसके लिए पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने एडवाइजरी जारी की है। डेंजर जोन चिन्हित करने के बाद इन क्षेत्रों में सेल्फी न लेने संबंधी चेतावनी बोर्ड लगाए जाएंगे। ऐसे स्थानों पर पुलिस पिकेट भी मुस्तैद रहेगी जो पर्यटकों को सतर्क करेगी।
देहरादून, हरिद्वार, ऋषिकेश, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग आदि पर्यटन स्थलों के आसपास और नदी किनारे सेल्फी लेते हुए कई पर्यटकों को अपनी जिंदगी से हाथ धोना पड़ा है। फेसबुक, व्हाट्सएप पर पोस्ट डालने के चक्कर में खासतौर पर युवा डेंजर जोन में सेल्फी लेने लग जाते हैं, जो उनकी जिंदगी के लिए खतरनाक बन जाती है।
सोमवार को हरकी पैड़ी, हरिद्वार में सेल्फी के चक्कर में एक लड़की की जान चली गई। इसी तरह मार्च में गोचर के पास नदी में भाई-बहन बह गए और अप्रैल में रुद्रप्रयाग में एक लड़की की सेल्फी के चक्कर में जान गई थी।
यात्रा सीजन के मद्देनजर लिया गया फैसला
यात्रा सीजन में इस तरह के हादसे न हों, इसके लिए पुलिस ने कार्ययोजना को अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया है। सूबे के पुलिस प्रमुख एमए गणपति ने पुलिस कप्तानों को सेल्फी के संबंध में एडवाइजरी जारी कर दी है। इसमें कहा गया है कि देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले पर्यटक पहाड़ों के ढलवा स्थानों, झरने के नीचे पानी के अंदर सेल्फी लेने लगते हैं।
अपने शौक के चक्कर में डेंजर जोन का खतरा वह भांप नहीं पाते और जान जोखिम में डाल देते हैं। डीजीपी ने कहा है कि पुलिस की जिम्मेदारी है कि पर्यटकों को जागरूक करने के साथ उन्हें डेंजर जोन से दूर रखे।
पुलिस महानिदेशक एमए गणपति ने बताया कि पर्यटकों की सुरक्षा की दृष्टि से सेल्फी लेने के मामलों में पुलिस को सतर्क किया गया है। खासतौर से डेंजर जोन में सेल्फी लेने का रिस्क उठाने वाले यात्रियों को रोकने के लिए कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी तरह की अनहोनी न हो सके।