शिक्षक के लिए मौत का फरमान लेकर आई ट्रांसफर लिस्ट
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उत्तराखंड में अनुरोध के आधार पर शिक्षकों की तबादला सूची में खामियां ही खामियां हैं। इसमें केवल शिक्षक दंपति को ही शामिल किया गया है।
विकलांग, गंभीर बीमार, विधवा, तलाकशुदा, स्वतंत्रता सेनानी के आश्रित, सेना में कार्यरत की पत्नी तथा 57 साल से ऊपर के शिक्षकों को वंचित कर दिया गया है। इससे अनुरोध करने वाले शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है।
विगत 17 साल से पिथौरागढ़ जनपद के दूरस्थ विद्यालय राजकीय इंटर कॉलेज जौलजीबी के व्यायाम अध्यापक राजबहादुर को स्थानांतरण सूची में अपना नाम न देख दिल का दौरा पड़ गया। उन्हें गंभीर हालत में देर रात सुशीला तिवारी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया।
स्थिति में सुधार न होता देख उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शिक्षक अभी आईसीयू में हैं। नैनीताल में हुई काउंसलिंग में गंभीर बीमारी का हवाला देकर राजबहादुर ने तबादले का अनुरोध किया था।
यह अकेला मामला नहीं है। राइंका जितुवापीपल के प्रवक्ता अमित ध्यानी किडनी के गंभीर रोगी हैं, राइंका टोटाम अल्मोड़ा के प्रवक्ता रामसिंह भी विगत कई वर्षों से किडनी के मरीज हैं। ढेला के पीएस बिष्ट की पत्नी कैंसर की मरीज हैं, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज चौखुटिया अल्मोड़ा की मीनाक्षी उप्रेती के पति भी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं।
गंभीर बीमारी से जूझ रहे शिक्षकों को भी रियायत नहीं
ऐसे ही अनेक शिक्षक-शिक्षिकाएं जो कि स्थानांतरण सूची में अपना नाम होने की आस लगाए थे, उनके हाथ निराशा ही लगी है। राजकीय इंटर कॉलेज क्वेरला सल्ट अल्मोड़ा में गणित प्रवक्ता विनोद बसेरा समेत कई शिक्षक पारस्परिक स्थानांतरण में उम्मीद लगाए बैठे थे, सभी को निराशा हाथ लगी।
स्थानांतरण सूची में एक बड़ी गड़बड़ी समायोजन की सूची में ऐसे शिक्षकों का नाम होने से भी हुई है जिन्हें अनिवार्य स्थानांतरण में नियमावली के तहत छूट दी गई, लेकिन समायोजन सूची में उनका स्थानांतरण कर दिया गया। राइंका नैनीताल के प्रवीण उप्रेती, राइंका लामाचौड़ के जीवन जोशी समेत अनेक शिक्षक अपने पाल्य के विकलांगता के कारण अनिवार्य स्थानांतरण से तो वंचित हो गए, लेकिन समायोजित हुए शिक्षकों की सूची में प्रत्यावेदन देने के बाद उन्हें भी स्थानांतरित कर दिया गया।
इस बारे में राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व मंडलीय मंत्री नवेंदु मठपाल ने गंभीर बीमारी समेत सभी श्रेणियों के शिक्षकों का स्थानांतरण तत्काल किये जाने, नियमावली के तहत पारस्परिक स्थानांतरण की सूची अलग से जारी करने, अनिवार्य स्थानांतरण में नियमों के तहत स्थानांतरित न हो रहे शिक्षकों को समायोजन में भी छूट का लाभ दिये जाने की मांग की।
अनुरोध के सभी स्थानांतरण नियमावली के मानकों के तहत किये गये हैं। सूची में जितने शिक्षक-शिक्षिकाओं के स्थानांतरण किये जाने थे, वे पति-पत्नी कैटेगरी में ही हो गये। अन्य जरूरी प्रकरणों को शासन की संस्तुति के लिये भेजा जा रहा है।
- सुषमा सिंह, अपर शिक्षा निदेशक कुमांऊ