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उत्तराखंडः चीन सीमा पर बढ़ेगी चौकसी
अरुणेश पठानिया/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Thu, 16 Apr 2015 10:39 AM IST
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चीन सीमा पर चौकसी बढ़ाने के लिए भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) की पांच बॉर्डर पोस्ट के लिए ढाई हैक्टेयर वन भूमि भूमि हस्तांतरण की जाएगी।
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चीन सीमा के साथ आईटीबीपी अपनी पेट्रोलिंग बढ़ाने के उद्देश्य से चौकियों का विस्तारीकरण कर रही है। भूमि हस्तांतरण के लिए राज्य वन्यजीव बोर्ड की बुधवार को मुहर लगने के बाद चौकियों तक मोटर मार्ग बनेंगे, जिसकी पहले अनुमति मिल चुकी है। सभी बार्डर पोस्ट गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क क्षेत्र में आती हैं।
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भारत चीन सीमा पर आईटीबीपी अपनी चौकसी बढ़ाने जा रही है, जिसके लिए नई बॉर्डर आउट पोस्ट के साथ मौजूदा पोस्टों के विस्तारिकरण के साथ कैंप बनाए जा रहे हैं। इन पोस्टों के लिए नई सड़कों का निर्माण भी किया जाना है जिससे रसद पहुंचाने के लिए आईटीबीपी के आवाजाही में तेजी लाए जाए।
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गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क होने के चलते पुलिस बल के सुमला, निलांग, नीलापानी, मेंडी और जादुग में विस्तारिकरण की योजनाएं वन एवं पर्यावरण की अनुमति में देरी के चलते प्रभावित हो रही थी। राष्ट्रीय पार्क चीन सीमा से लगा हुआ है जहां गश्त के लिए आईटीबीपी के पास पर्याप्त साधन नहीं थे।
वन्यजीव बोर्ड ने राष्ट्रीय पार्क में भूमि हस्तांतरित के लिए सशर्त अनुमति दी है, जिसके तहत परियोजना स्थल पर निर्माण हेतु पत्थर खनन नहीं किया जाएगा। इन चौकियों के निर्माण के बाद वहां आईटीपीबी अपने सैन्य बलों की तैनाती संख्या बढ़ाएगी। इन चौकियों का इस्तेमाल वन विभाग के गश्ती दल भी कर सकेंगे।
यह हैं चौकियां
सुमला - 0.2883 हैक्टेयर
निलांग पोस्ट - 0.3900 हैक्टेयर
नीलापानी - 0.5858 हैक्टेयर
मेंडी - 0.576 हैक्टेयर
जादुगा - 0.7393 हैक्टेयर
मोटर मार्ग से जुडेंगी चौकियां
उत्तरकाशी जनपद के सीमांत क्षेत्र में आईटीबीपी इन चौकियों के लिए मोटर मार्ग भी बनाएगी। सुमला चौकी के लिए मोटर मार्ग को राष्ट्रीय वन्यजीव की अनुमति मिल चुकी है।
नीलापानी और जादुग के लिए नागा से मोटर मार्ग बनाया जाना है, जबकि मेंडी के लिए सड़क मार्ग बनेगा। इन सभी के लिए वन विभाग की अनुमति मिल चुकी है जिसपर निर्माण शुरू होगी। सिर्फ निलांग चौकी के लिए भैरोघाटी से मोटरमार्ग बन चुका है।