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आखिर हुआ उत्तराखंड में दूसरे सैनिक स्कूल का करार
अरुणेश पठानिया / अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 04 Jan 2016 12:52 PM IST
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उत्तराखंड में दूसरा सैनिक स्कूल खोलने के लिए रक्षा मंत्रालय की सैनिक स्कूल सोसाइटी से करार हो गया है। वर्ष 2009 से प्रदेश में दूसरा सैनिक स्कूल खोलने के प्रयास चल रहे थे, जिसमें लंबे अरसे के बाद सफलता मिली है।
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जखोली में प्रस्तावित सैनिक स्कूल देश का पहला स्कूल होगा जिसका निर्माण शिक्षा विभाग के बदले सैनिक कल्याण विभाग करेगा। सैनिक स्कूल (घोड़ाखाल) के बाद दूसरा सैनिक स्कूल खुलने से राज्य से सैन्य अफसरों की संख्या और बढ़ेगी।
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रक्षा मंत्रालय से 19 नवंबर 2014 में अनुमति मिलने के बाद शिक्षा और सैनिक कल्याण विभाग के बीच मामला लटका हुआ था। र्मई माह में सैनिक स्कूल का जिम्मा सीएम हरीश रावत ने सैनिक कल्याण विभाग को सौंपा।
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स्कूल निर्माण के लिए केंद्र के साथ करार किया जाना अनिवार्य है, जिसके बाद ही प्रशासनिक और शिक्षण गतिविधियों के लिए सेना के अफसर प्रतिनियुक्ति पर तैनात होते हैं। आखिर एक वर्ष तक एमओयू दस्तावेजों के लटके रहने के बाद केंद्र ने 11 नवंबर 2015 को करार पर एमओयू पर हस्ताक्षर कर दस्तावेज शासन को भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार को इसके लिए बजट आवंटित कर स्कूल का निर्माण कार्य करना होगा।
52 एकड़ भूमि पर होगा निर्माण
जखोली में लगभग 52 एकड़ भूमि चयनित की है। स्कूल की अनुमति से पूर्व मंत्री ने उपनल और पूर्व सैनिक कल्याण संस्था से 10 करोड़ रुपये स्कूल निर्माण साइट को तैयार करवाने में स्वीकृत करवाए, जिससे प्रस्तावित स्थल पर तैयार हो गया।
300 छात्र पढ़ सकेंगे जखोली में
एमओयू होने के तीन वर्ष के भीतर स्कूल का निर्माण पूरा होगा, जिसमें न्यूनतम 300 छात्रों के लिए शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। रक्षा मंत्रालय भवन निर्माण और वार्षिक डिफेंस स्कालरशिप प्रति कैडेट देगा। स्कूल के टीचिंग-नान टीचिंग स्टाफ के वेतन-भत्ते राज्य सरकार वहन करेगी जबकि सोसाइटी सैन्य अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करेगी।