वैज्ञानिकों ने बताया, कैसे भूकंप आने पर भी सेफ रह सकता है आपका घर
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अगर आप अपना घर बनाने जा रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। अगर इस दौरान आप ये काम करेंगे तो भूकंप आने पर भी आपका घर सेफ रहेगा।
भूगर्भ विशेषज्ञ प्रो. डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि सुंदर घर बने इसके लिए मानचित्रकार से लेकर अन्य विशेषज्ञों लोगों की मदद ली जाती है। लेकिन, भूगर्भ विशेषज्ञ को तब बुलाया जाता है, जब भूकंप जैसी चुनौती आती है।
प्रयास करना चाहिए कि जब भी निर्माण कार्य हो, उस समय भूगर्भ विशेषज्ञ की सलाह ली जाए। इससे भविष्य में होने वाले नुकसान से बचा जा सकता है।वाडिया इंस्टीट्यूट में शुक्रवार को आयोजित व्याख्यानमाला को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के भूगर्भ विभाग के प्रोफेसर डॉ. डीसी श्रीवास्तव ने कहा कि पत्थर, उनकी आंतरिक संरचना को समझेंगे, तो भूकंप आदि को समझने में मदद मिलेगी।
अलग तरह का होता है हर पत्थर
इस वक्त दुनिया के वैज्ञानिक हिमालय की उत्पत्ति, उनकी आंतरिक संरचना समझने को लेकर अध्ययन कर रहे हैं। प्रो. श्रीवास्तव ने कहा कि हिमालय का निर्माण एक साथ और एक ही तरीके से नहीं हुआ है।
अगर ऋषिकेश से साकनीघार तक जाएं, तो वहां के पत्थरों की आंतरिक संरचना में काफी अंतर देखने को मिलता है। यह अंतर बताता है कि इनके निर्माण में कितना प्राकृतिक दबाव था, किस दिशा से दबाव आया। अलग-अलग क्षेत्र में हिमालय के निर्माण की अलग-अलग कहानी है।
उनकी आंतरिक संरचना, विविधता को समझने की जरूरत है। इससे प्राकृतिक आपदा की चुनौतियों को समझने में मदद मिलेगी। वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक प्रो. अनिल गुप्ता ने कहा यह व्याख्यान खासकर नए शोधार्थी को काफी मददगार होगा। इस दौरान डॉ. मीरा तिवारी, डॉ. अपर्णा शुक्ला, डॉ. पीएस नेगी के अलावा 60 शोधार्थी मौजूद थे।