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छात्रवृत्ति घोटाला: अनुराग शंखधर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में गए जेल, संयुक्त निदेशक को भेजा नोटिस
Sat, 18 May 2019 07:46 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 18 May 2019 07:46 AM IST
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हिरासत में अनुराग शंखधर
- फोटो : अमर उजाला
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सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने करोड़ों के छात्रवृति घोटाले में गुरुवार को हरिद्वार में गिरफ्तार जनजाति कल्याण निदेशालय के उपनिदेशक और पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर शुक्रवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। विजिलेंस कोर्ट के न्यायाधीश के अवकाश पर होने के कारण शंखधर को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया।
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छात्रवृत्ति घोटाले को लेकर हरिद्वार के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी अनुराग शंखधर पहले दिन से आरोपों से घिरे है। एसआईटी की विवेचना में प्राइवेट शिक्षण संस्थानों से सांठगांठ कर सरकारी धन को ठिकाने लगाने की पुष्टि भी हुई। अनुराग शंखधर को पता था कि एसआईटी उनका फर्जीवाडा पकड़ चुकी है।
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इसी फेर में शंखधर एसआईटी के सामने जाने के बजाए राहत पाने को नैनीताल हाईकोर्ट गए थे। हाईकोर्ट ने उन्हें राहत देने के बजाए एक सप्ताह में एसआईटी के सामने पेश होने के आदेश दिए थे। गुरुवार को अनुराग शंखधर एसआईटी के सामने पेश हुए। छह घंटे की लंबी पूछताछ के बाद संतोषजनक जवाब न देने पर शंखधर की गिरफ्तारी कर ली गई।
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एसआईटी मुकदमे में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा होने के कारण शुक्रवार दोपहर शंखधर को लेकर देहरादून पहुंची, जहां पर उन्हें विजिलेंस कोर्ट में ले जाया गया। विजिलेंस कोर्ट के न्यायाधीश राजीव खुल्वे के अवकाश पर होने के कारण अनुराग शंखधर को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
वहीं छात्रवृति घोटाले की जांच कर रही एसआईटी ने समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक गीताराम नौटियाल को भी नोटिस भेजकर जल्द पेश होने की बात कही है। समाज कल्याण विभाग के निदेशक 2011 में हरिद्वार में जिला समाज कल्याण अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे हैं। एसआईटी की कार्रवाई से समाज कल्याण विभाग में अफरा तफरी का माहौल है।