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उत्तराखंड: छात्रवृत्ति घोटाले में आरोपी सहायक समाज कल्याण अधिकारी जीएस राणा निलंबित
Wed, 16 Dec 2020 10:49 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंपावत
Published by: अलका त्यागी
Updated Wed, 16 Dec 2020 10:49 PM IST
सार
- अगस्त से जेल में है आरोपी राणा, दिसंबर 2019 में उजागर हुआ था 39.52 लाख का गबन
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
उत्तराखंड के बनबसा देवभूमि विद्यापीठ में हुए 39.52 लाख रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले के आरोपी जिला सहायक समाज कल्याण अधिकारी (एडीओ) जीएस राणा को निलंबित कर दिया गया है। निदेशालय की ओर से इस संबंध में आदेश जारी किए गए हैं।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी आरएस सामंत ने बताया कि छात्रवृत्ति गबन में आरोपी एडीओ राणा की भूमिका की संलिप्तता के तथ्य मिलने पर विशेष जांच दल (एसआईटी) ने इस साल छह अगस्त को गिरफ्तार किया था। तभी से वह जेल में है।
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एडीओ राणा के अलावा विद्यापीठ के लिए बिचौलिये का काम करने वाले खटीमा के दो आरोपी (दीया का प्रधान मुकेश कुमार और युवक कांग्रेस नेता प्रदीप कुमार) को इस साल 27 जुलाई को दबोचा गया था।
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देवभूमि विद्यापीठ नाम की गैर मान्यता प्राप्त संस्था पर 2015-16 में 221 एससी और 140 एसटी छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति के नाम पर 39.52 लाख रुपये के फर्जीवाड़े का आरोप है। आरोप है कि समाज कल्याण विभाब से मिली छात्रवृत्ति की ये रकम विद्यापीठ के छात्र-छात्राओं को नहीं दी गई।
एसआईटी प्रभारी धीरेंद्र कुमार ने बताया कि जेल भेजे गए एडीओ और तीन लोगों के अलावा विद्यापीठ के चार संचालक चैरब जैन, अनिल गोयल, विवेक शर्मा, गौरव जैन (हरिद्वार जिला निवासी) के खिलाफ आईपीसी की धारा 409, 420, 466, 467, 468, 471 और 120 बी के तहत बनबसा थाने में 15 दिसंबर 2019 को मुकदमा दर्ज किया गया था। तीन लोगों को हरिद्वार की कोर्ट से स्थगनादेश मिला हुआ है, जबकि चौथा संचालक पहले से ही किसी मामले में हरिद्वार की जेल में है।