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स्वर्ण जयंती में घपला, CDO दबाए बैठे जांच रिर्पोट
ब्यूरो/अमर उजाला देहरादून
Updated Wed, 17 Feb 2016 04:55 PM IST
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केंद्र और राज्य सरकार की ओर से संचालित स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के विभिन्न परियोजनाओं में अनियमितताएं सामने आ रही है। डेढ़ दशक पूर्व स्वीकृति योजनाओं में से जहां कई योजनाएं पूरी नहीं हो पाई और बजट का बड़े पैमाने पर बंदरबांट हुआ वहीं कई योजनाओं के पूरा होने के बावजूद कंप्लीशन रिपोर्ट (सीआर) विभाग को नहीं भेजी गई है।
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इतना ही नहीं कई योजनाओं में मुख्य विकास अधिकारियों को जांच रिपोर्ट भेजनी है, लेकिन उनकी ओर से अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। ग्रामीणों को रोजगार के बेहतर अवसर मुहैया कराने के लिए केंद्र और राज्य सरकार की ओर से रूरल इंप्लायमेंट एश्योर थ्रू इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट मेडिशनल एंड एरामैटिक प्लांट इन उत्तराखंड, फैशन एंड टेक्सटाइल्स डिजाइनिंग, अंगोरा ऊन विकास, ग्रामीण कुक्कुट पालन, टीटीडीसी-फेज दो, तकनीकी स्थानांतरण एवं विकास केंद्र परियोजना, लैंटाना, जैट्रोफा, शहतूत, ग्रामीण युवा कौशल वृद्धि प्रशिक्षण परियोजना समेत दर्जन भर योजनाएं स्वीकृति की गई है।
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इन योजनाओं में से कुछ योजनाएं 2001 में तो कुछ 2006 में स्वीकृत की गई। ज्यादातर योजनाएं 2004 से पहले स्वीकृति की गई। केंद्र और राज्य सरकार की ओर से कई करोड़ का बजट भी जारी किया। कार्यदायी संस्थाओं द्वारा परियोजना के पूरे होने की रिपोर्ट भी दी। लेकिन, आज तक ज्यादातर संस्थाओं की ओर से कंप्लीशन रिपोर्ट नहीं भेजी गई है। जबकि केंद्र और राज्य सरकार की ओर से रिपोर्ट भेजने को लेकर कई बार लिखापढ़ी की जा चुकी है।
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अंगोरा ऊन विकास, रूरल इंप्लायमेंट एश्योर थ्रू इंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट मेडिशनल एंड एरोमैटिक प्लांट इन उत्तराखंड, व टीटीडीसी जैसी योजनाओं में हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून व टिहरी गढ़वाल के सीडीओ से जांच आख्या मांगी गई है, लेकिन अभी तक सीडीओ ने रिपोर्ट नहीं भेजी है।