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कुर्सी संभालते ही साहब 'खाने' लगे पैसे

Sun, 11 Jan 2015 04:44 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 11 Jan 2015 04:44 PM IST
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scam in rto dehradun.

कुर्सी मिली और गबन शुरू। कुछ इसी तर्ज पर देहरादून के संभागीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) के कर-राजस्व अनुभाग में तैनात लेखाधिकारी ने लाखों का गबन कर डाला।

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यह लेखाधिकारी छह माह पूर्व ही कार्यालय में तैनात हुआ था। विभागीय अधिकारियों ने मामले का खुलासा होते ही आरोपी को उसके मूल अनुभाग लेखा में भेज दिया है।

करीब एक सप्ताह पूर्व सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रशासन) संदीप सैनी को घपले की शिकायत मिली। अंदरखाने जांच के साथ सैनी ने इसकी जानकारी कार्यवाहक संभागीय परिवहन अधिकारी राजीव मेहरा को दी।
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बताया जा रहा है कि प्राथमिक जांच में घपले की पुष्टि हुई है। इसके बाद आरोपी लेखाधिकारी को कर-राजस्व अनुभाग से हटाकर मामले की जांच सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) हरिद्वार को सौंपी गई है।
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ऐसे किया घोटाला

लेखाधिकारी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के अधिकारों का गलत उपयोग करते हुए करीब 250 वाहन चालकों की पेनल्टी खुद ही माफ कर दी। निर्धारित शुल्क के तौर पर वसूली गई रकम विभागीय खाते में जमा कराने के बजाय आरोपी खुद हजम कर गया।

बताया जा रहा है कि यह रकम पांच से छह लाख रुपए हो सकती है। अब विभाग उन 250 फाइलों की भी जांच कर रहा है, जिन पर छूट देकर घपला किया गया।

किए फर्जी हस्ताक्षर

scam in rto dehradun.

बताया जा रहा है कि आरोपी लेखाधिकारी सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी के फर्जी हस्ताक्षर कर पेनल्टी माफ कर रहा था।

वह पंजीकरण, फिटनेस आदि के लिए देरी से आने वाले आवेदनों पर हस्ताक्षर कर पेनल्टी माफ करने की संस्तुति लिख देता था। इस तरह विभागीय पत्रावली में वाहन संचालकों को दी जाने वाली यह छूट सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी की ओर से दर्ज होती थी।

इसलिए लगती है पेनल्टी

वाणिज्यिक और निजी वाहनों के पंजीकरण, फिटनेस और अन्य टैक्स जमा करने में तय समय से देरी होने पर पेनल्टी वसूली जाती है। जितनी देरी होती है, पेनल्टी उतनी बढ़कर हजारों रुपए तक पहुंच जाती है।

लेकिन संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को यह अधिकार है कि वह देरी का सही कारण बताए जाने पर संतुष्ट होकर पेनल्टी की रकम 75 प्रतिशत तक घटा सकते हैं।

मामले की जांच सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी हरिद्वार से कराई जा रही है। साथ इसकी सूचना परिवहन मुख्यालय को भी दे दी गई है। अगर जांच में आरोप सही पाए तो फिर कठोर कार्रवाई भी होगी।
- राजीव मेहरा, कार्यवाहक संभागीय परिवहन अधिकारी

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