सतपाल महाराज बोले, खतरनाक हैं यमुनोत्री जाने वाली पालकियां
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पालकी में बैठकर यमुनोत्री जाने के मामले में पर्यटन और तीर्थाटन मंत्री सतपाल महाराज सोशल मीडिया के निशाने पर हैं। इन स्थितियों के बीच, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने सोमवार को स्थिति साफ की।
उन्होंने कहा कि वह चारधाम यात्रा की तैयारियों के परखने के लिए पालकी में बैठे थे। उन्होंने कहा कि वर्तमान में इस्तेमाल की जा रही पालकी असुविधाजनक है। इसलिए सरकार जल्द ही नई पालकी लांच करेगी, जो एल्मुनियम की होगी।
यमुनोत्री के कपाटोद्घाटन वाले दिन सतपाल महाराज वहां पहुंचे थे। इसके बाद सोशल मीडिया पर महाराज की आलोचना शुरू हो गई थी। महाराज ने सोमवार को कहा कि सारी स्थिति को गलत ढंग से लिया जा रहा है।
पीडब्ल्यूडी का काम काबिलेतारीफ
र्यटन और तीर्थाटन मंत्री बनने के बाद से ही कोशिश है कि तैयारियों में कोई कमी न रहने पाए। यात्री सुविधा का पूरा ध्यान रखा जाए। इसलिए वह केदारनाथ और बद्रीनाथ क्षेत्र से लेकर यमुनोत्री तक पहुंचे हैं।
पीडब्ल्यूडी का काम काबिलेतारीफ
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि यमुनोत्री मार्ग पर पीडब्ल्यूडी के अफसरों ने जिस तरह से जान हथेली पर रखकर कार्य किया है, वह काबिलेतारीफ है। विभाग को सम्मानित करने की सिफारिश वह सीएम से करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि इस बार 21 से 22 लाख श्रद्घालु चारधाम की यात्रा पर उत्तराखंड आएंगे।
नीलांग ने कराई आध्यात्मिक अनुभूति
पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने यमुनोत्री से 15 किमी आगे नीलांग क्षेत्र का निरीक्षण भी किया। महाराज के अनुसार, इस स्थान पर उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति हुई है। यहां पर ऐसा लगता है कि जैसे बाबा केदार के साक्षात दर्शन हो रहे हों। उन्होंने कहा कि जून में यहां पर भव्य मेला आयोजित किया जाएगा।