इस बार 15 जनवरी को मकर संक्रांति होगी शुभ
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मकर संक्रांति पर 14 जनवरी को शाम को सूर्य देव अपने पुत्र शनि की राशि में प्रवेश करेंगे। इस दौरान मंगल, बुध और गुरु बृहस्पति अपनी उच्च राशि में होंगे।
83 वर्षों के बाद बन रहे संयोग के अनुसार उच्च राशि के बृहस्पति से सूर्य, शुक्र और बुध तीन ग्रहों का समसप्तक योग बन रहा है। जो लोगों को समृद्धि प्रदान कराने का सूचक है। सूर्य उदय काल के अनुसार 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जाना शुभ फलदायक होगा।
सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने की तिथि पर मकर संक्रांति मनाई जाती है। 14 जनवरी को शाम सात बजकर 26 मिनट पर सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। शास्त्रों के अनुसार सूर्य उदय काल में संक्रांति का पुण्य काल श्रेष्ठ माना जाता है।
इस वर्ष मकर संक्रांति का विशेष पुण्य काल 15 जनवरी को प्रात: सात बजकर 20 मिनट से दोपहर 12.30 बजे तक रहेगा। वार, नक्षत्र एवं तिथि के हिसाब से भी 15 जनवरी को मकर संक्रांति का पर्व ज्यादा उपयुक्त एवं शुभ होगा।
पौराणिक कथाओं के अनुसार मकर संक्रांति के दिन भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि देव से मिलने के लिए उनके घर जाते हैं। इसलिए इसे संक्रांति कहा जाता है।
माना जाता है देवताओं का दिन
मकर संक्रांति पर सूर्यदेव दक्षिण से उत्तरायण हो जाते हैं। शास्त्रों के अनुसार उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा जाता है। श्रीमद्भागवत में भी इस पर्व को विशेष महत्व दिया गया है।
बताया जाता है महाभारत में भीष्म पितामह ने शरशैय्या पर देह त्यागने के लिए छह मास तक सूर्य के उत्तरायण की प्रतीक्षा की थी।
मकर संक्रांति पर रखें व्रत
आचार्य राकेश कुमार शुक्ला ने बताया भविष्य पुराण के अनुसार जब सूर्य उत्तरायण होते हैं तो उस दिन व्यक्ति को एक समय व्रत रखना चाहिए। मकर संक्रांति पर समसप्तक योग होने से इस बार पर्व पर स्नान का फल कुंभ स्नान के समान मिलेगा। इस दिन गंगा स्नान, तिल, गर्म कपड़े और कं बल आदि का दान श्रेष्ठ माना जाता है।