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Dehradun News: देव नहाण से पावन हुआ जागड़ा महासू के जयकारों से गूंजे मंदिर
Tue, 15 Sep 2026 12:15 AM IST
देहरादून ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Updated Tue, 15 Sep 2026 12:15 AM IST
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जौनसार-बावर की आस्था के प्रतीक सिद्धपीठ हनोल स्थित महासू देवता मंदिर और मैंद्रथ के बासिक महासू महाराज मंदिर में सोमवार को जागड़ा महापर्व के तहत देव स्नान (देव नहाण) की रस्म पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ संपन्न हुई। देवकुंड में पवित्र स्नान के साक्षी बनने के लिए दोनों ही धामों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ पड़े। हनोल मंदिर में पारंपरिक वाद्य यंत्रों (नौबत) की धुनों और विधि-विधान के बीच देव चिह्नों को गर्भगृह से देवकुंड तक ले जाया गया। देवकुंड में विधिवत पूजा-अर्चना के बाद देव चिह्नों को पवित्र जल से स्नान कराया गया। इसके बाद जब देव चिह्नों को दर्शनार्थ लाया गया, तो पूरा मंदिर परिसर महासू महाराज के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने पवित्र जल का आचमन कर क्षेत्र व परिवार की खुशहाली की कामना की। उधर, मैंद्रथ स्थित बासिक महासू महाराज मंदिर में भी प्राचीन परंपरा के अनुरूप देव चिह्नों को देवकुंड ले जाकर स्नान कराया गया। यहां भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस पावन पल के साक्षी बने। स्नान और दर्शन के पश्चात देव चिह्नों को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ वापस मंदिर लाकर गर्भगृह में विराजमान कर दिया गया। जागड़ा पर्व में देव नहाण को सबसे प्रमुख धार्मिक अनुष्ठान माना जाता है। मान्यता है कि इस अवसर पर देव चिह्नों के दर्शन मात्र से हर मनोकामना पूर्ण होती है। इस दौरान हनोल मंदिर समिति के सचिव मोहनलाल सेमवाल, बावर खत के सदर स्याणा चमन सिंह, वरिष्ठ सदस्य चंदराम राजगुरु, स्याणा सुनील राणा, भुवनेश्वर पंवार, किशन सिंह राणा, प्रबंधक नरेंद्र नौटियाल, विक्रम राजगुरु, राजाराम शर्मा और जितेंद्र चौहान सहित कई श्रद्धालु रहे।
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