सरकार का काम ओके, कर्मचारियों और पेंशनरों के खाते में पहुंची सेलरी
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नोटबंदी के बाद बैंकों में बने कैश के संकट से यह सवाल गहरा रहा है कि सरकारी मुलाजिमों को पहली तारीख को पगार मिल भी पाएगी कि नहीं?
बहरहाल, शासन ने कर्मचारियों के वेतन क्रेडिट कर दी है और अब इसे जारी करने का सारा दारोमदार बैंकों की कैश क्षमता पर निर्भर करेगा। कैश की कमी कर्मचारियों के वेतन में संभावित कठिनाई को लेकर सरकार की ओर से फिलहाल कोई उपाय नहीं किए गए हैं।
अपर सचिव वित्त अरूणेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि वेतन मद की राशि खातों में क्रेडिट होती है। यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और उनके हिसाब से पहली तारीख को वेतन जारी होने में कोई दिक्कत नहीं है।
प्रदेश में दो लाख कर्मचारी और एक लाख पेंशनर्स
बता दें कि उत्तराखंड में कुल दो लाख सरकारी कर्मचारी और एक लाख दस हजार पेंशनर्स हैं। कटौती के बाद वेतन और पेंशन के मद में करीब छह सौ करोड़ रुपये का भुगतान किया जाता है। वित्त विभाग ने सभी के खातों में आरटीजीएस के जरिये पैसा ट्रांसफर करवा दिया है।
एटीएम या बैंक खाते के जरिये पैसे निकाले जा सकते हैं। वित्त विभाग का दावा है कि कोई बड़ी परेशानी नहीं होगी, क्योंकि पहली या दूसरी तारीख को ही सारा पैसा कोई व्यक्ति खाते से नहीं निकालता है। इसलिए कोई विशेष इंतजाम नहीं किए गए हैं। आरबीआई ने भी दावा किया है कि उनके पास पर्याप्त धन का इंतजाम है।